Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह को प्रतिष्ठित ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया

Uttarakhand


चंडीगढ़ (Report by: BNT team)

उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कोरोना काल में

जनता के बीच रह कर लोगों की मदद करने के लिए प्रतिष्ठित ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। आज चंडीगढ़ में हुए समारोह में प्रीतम सिंह को इस सम्मान से नवाजा गया।
इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (IFUNA) संस्था हर वर्ष समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करती है। पिछले वर्ष संस्था द्वारा स्टार क्रिकेटर हरभजन सिंह को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

अवार्ड से सम्मानित होने के बाद प्रीतम सिंह ने संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे इस सम्मान को उत्तराखंड कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार वे कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात जरूरतमंद लोगों की मदद की।

प्रीतम ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जहां उत्तराखंड सरकार लोगों की मदद करने में नाकाम रही, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के शहरों से लेकर दूर-दराज के गांवों में पहुंच कर लोगों की हरसंभव मदद की।
उन्होंने कहा कि आज संस्था द्वारा दिया गया यह सम्मान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उस समर्पण और सेवाभाव का सम्मान है।

समारोह के दौरान इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (IFUNA) संस्था ने प्रीतम सिंह की खूब सराहना की। संस्था द्वारा दिए गए सम्मान पत्र में कहा गया कि कोरोना महामारी के दौरान प्रीतम सिंह ने समाज कल्याण के लिए उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान दिया। आगे कहा गया, ‘प्रीतम सिंह उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की भलाई के लिए अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से निस्वार्थता का प्रतीक हैं। वे महामारी के पिछले 18 महीनों के दौरान असाधारण मानवीय प्रयासों में लगे रहे। उन्होंने राज्य के नागरिकों को भोजन, स्वच्छ पानी, कपड़े, दवाएं, मास्क और सैनिटाइज़र के वितरण में सराहनीय योगदान दिया।

कोरोना काल में समाज सेवा के क्षेत्र में मिला यह अवार्ड प्रीतम सिंह के लिए बड़ी उपलब्धि है। वे प्रदेश के पहले राजनेता हैं जिन्हें इस सम्मान से नवाजा गया है।