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रुड़की: मुहर्रम जुलूस में मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी हुए शामिल, हजरत इमाम हुसैन के बलिदान को बताया मानवता का संदेश

Dehradun Delhi Haridwar Mussoorie Roorkee Uttarakhand


BIG NEWS TODAY : रुड़की (जनपद हरिद्वार, उत्तराखंड) I

रुड़की के इमली रोड क्षेत्र में मुहर्रम अखाड़ा परिषद द्वारा भव्य रूप से आयोजित किए गए “मुहर्रम जुलूस” में सोमवार को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन (र.अ.) की कुर्बानी को मानवता, न्याय और सच्चाई के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

मुफ्ती शमून कासमी ने कहा, हज़रत इमाम हुसैन (र.अ.) का बलिदान हमें यह सिखाता है कि हमें किसी भी परिस्थिति में सत्य और न्याय के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। करबला की घटना सिर्फ इस्लामिक इतिहास की नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए एक अमूल्य शिक्षा है।”

उत्तराखंड सरकार की योजनाओं की सराहना

कार्यक्रम के दौरान मुफ्ती शमून कासमी ने उत्तराखंड सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व क्षमता और विकासपरक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं सभी वर्गों के लिए समान रूप से लाभकारी हैं।

मुफ्ती कासमी ने कहा, “पुष्कर सिंह धामी सरकार की योजनाएं समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम हैं। चाहे वह गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं हों, युवाओं के लिए शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम या फिर मदरसों का आधुनिकीकरण — सरकार की सोच साफ है कि हर तबके को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।”

धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश

मुहर्रम जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जुलूस में धार्मिक अनुशासन और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध भी प्रशासन द्वारा किए गए थे।

मुफ्ती शमून कासमी ने इस अवसर पर सभी समुदायों से आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने की अपील की और कहा कि “उत्तराखंड की गंगा-जमुनी तहज़ीब हमें एक-दूसरे का सम्मान करना सिखाती है।”