Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग पर करारा प्रहार, रानीपोखरी–थानों में बड़ी कार्रवाई, 22–27 बीघा में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

Dehradun Uttarakhand


BIG NEWS TODAY (By: Mo Faheem 'Tanha') : मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।

प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।

थानों क्षेत्र में कार्रवाई
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।