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सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को कंपनी ने लौटाए 18करोड़ रुपये: बिना अनुमति 20करोड़ देने का मामला

Uttarakhand


मुख्यमंत्री त्रिवेंंद्र सिंह रावत, उत्तराखंड सरकार

देहरादून

त्रिवेंद्र सरकार की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति का बड़ा असर देखने को मिला है. कुछ महीनो से विवादों में चल रहे भवन निर्माण सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में बिना अनूमति के 20करोड़ रुपये जारी करने के मामले में बड़ी रिकवरी हुई है. बिना वैधानिक अनुमति प्रक्रिया अपनाए हुए 20करोड़ रुपये प्राप्त करने वाले कंपनी ने सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को 18करोड़ रुपया कंपनी ने वापस किया है. इस मामले की जांच भी चल रही है.

भवन निर्माण सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्, उत्तराखंड

कोटद्वार में ईएसआई का अस्पताल बनाने के लिेए बिना प्रक्रिया के लिए 20करोड़ में से ब्रिज एंड रूफ कम्पनी द्वारा उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को 18 करोड़ रूपए वापिस किये गये। अगस्त महीने में कम्पनी को कुल 20 करोड़ रूपये गलत तरीके से दिये गये थे।

कम्पनी द्वारा बताया जा रहा है कि 2 करोड़ रूपए का DPR और अन्य प्रशासनिक खर्च हो गया है. उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा कम्पनी को शेष 2 करोड़ रूपए लौटाने को कहा गया है. क्योंकि इसकी सरकार से कोई वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गयी थी। अन्यथा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

श्रम कल्याण मंत्री डॉ. हरक सिह रावत, उत्तराखंड सरकार

इस मामले में विवाद उठा और खुलासा हुआ तो इसको लेकर उच्च स्तरीय जांच बैठाई गयी थी. बोर्ड को चर्चा में रहने पर करीब दो महीने पहले सरकार ने बोर्ड के चैयरमैन पद से श्रम विभाग के मंत्री हरक सिंह रावत को हटा दिया था. साथ ही सचिव के पद से मंत्री हरक सिंह रावत की नजदीकी माने जाने वाली दमयंति रावत को भी हटा दिया गया था.

दमयंती रावत, तत्कालीन सचिव, भवन निर्माण सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

इस मामले में विवाद बढ़ा तो पिछले दिनों मंत्री हरक सिंह रावत ने प्रेसवार्ता करके अपने ही विभाग वाले इस बोर्ड द्वारा जारी किए 20करोड़ रुपये को नियमानुसार बताया था. मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा था कि कंपनी को पैसा मुख्यमंत्री और तत्कालीन वित्त मंत्री प्रकाश पंत के अनुमोदन के बाद ही जारी किया गया था. अब सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है कि जब सारी सही प्रक्रिया अपनाकर कंपनी को 20करोड़ रुपया जारी किया गया था तो फिर कंपनी ने पैसा लौटाया क्यों.