Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

Big News Today : चमोली एसटीपी करंट हादसाः मजिस्ट्रेट जांच में गड़बड़ियों का खुलासा, ब्लैक लिस्ट व कानूनी कार्यवाई की संस्तुति

Chamoli Dehradun Delhi Uttarakhand


Big News Today

चमोली। Big News Today बिजली के करंट हादसे का शिकार हुए नमामि गंगे के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन में नियमों और अनुबंध में निर्धारित मानकों को ताक पर रखा गया था। जिसके परिणाम स्वरूप करंट हादसे में 16 लोगों की मौत हुई और 10 लोग गंभीर घायल हुए। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट चमोली जिला अधिकारी को सौंप दी है। करंट लगने से हुए मौतों के दुखद हादसे की जांच रिपोर्ट में विभिन्न कमियां उजागर करते हुए संचालन कर रही कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की संस्तुति भी की गई है। 19 जुलाई को चमोली में एसटीपी में करंट फैलने की घटना हुई थी।

जांच रिपोर्ट में हुई कार्यवाई की संस्तुति:
-अनुबंध की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित कराने में असफल अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाई करने की संस्तुति।
-फर्म को संदिग्ध बिलों का भुगतान के जिम्मेदार कर्मियों पर कार्यवाई करने की संस्तुति।
-विद्युत विभाग एवं जल संस्थान अधिकारियों में तालमेनल ना होने से घटी घटना के जिम्मेदारों पर कार्यवाई की संस्तुति।
-सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही ऐसी दुर्घटना संभावित प्रतिष्ठानों की विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की संस्तुति।
-जॉइंट वेंचर फर्म मै. जयभूषण मलिक कांट्रेक्टर्स पटियाला तथा मै. कॉन्फिडेंस इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति।
-भास्कर महाजन डायरेक्टर एक्सिस पावर कंट्रोल्स (दिल्ली) को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति।
-साथ ही इन तीनों फर्मों को देशभर में ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की गई है।
-अनुबंध की शेष अवधि में समस्त एसटीपी के संचालन में आने वाले खर्च को अनुबंधित कंपनी से वसूलने की संस्तुति।
-जांयट वेंचर कंपनी द्वारा जल निगम को दी गई 1.10 करोड़ की बैंक गारंटी को जब्त करने की संस्तुती।
-हादसे की मुख्य जिम्मेदार जॉइंट वेंचर फर्म के खिलाफ कानूनी दंडात्मक कार्यवाई करने की संस्तुति।

अपर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने 10 दिनों में अपनी 1900 पृष्ठों की जांच रिपोर्ट जिला अधिकारी को सौंप दी है। चमोली में नमामि गंगे के तहत निर्मित और संचालित होने वाले एसटीपी प्लांट में हुए करंट हादसे की मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि एसटीपी के संचालन में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। यहां तक कि संचालन करने वाली जॉइंट वेंचर फर्म मै. जयभूषण मलिक कांट्रेक्टर्स पटियाला तथा मै. कॉन्फिडेंस इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर ने संचालन के लिए जल निगम-जल संस्थान के साथ किए अपने अनुबंध का भी उल्लंघन किया है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भास्कर महाजन, डायरेक्टर एक्सिस पावर कंट्रोल्स (दिल्ली) एसटीपी के संचालन में काम  कर रही थी, जबकि उसका जल संस्थान से कोई अनुबंध नहीं है।

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ बड़ी दुर्घटना का कारण
मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट के अनुसार एसटीपी में लगे विद्युत चेंज ओवर पैनल में शार्ट सर्किट होने के कारण कंट्रोल पैनल और मैन पैनल में तीव्र अर्थ (अर्थिंग) फॉल्ट होने से हादसा हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थ फॉल्ट होने से एसटीपी प्लांट की सीढ़ियों, रेलिंग आदि के मैटेलिक स्ट्रक्चर में तीव्र करंट फैल गया। वहां मौजूद जो भी लोग लोहे के रेलिंग, सीढ़ियों व जाली आदि के संपर्क में आए उनकी करंट लगने से मृत्यु हो गई। उपयुक्त एमसीबी के स्थान पर केवल चेंज ओवर ही इस्तेमाल हो रहा था।

कुछ अन्य गड़बड़ियां भी पाई गई हैं: रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि जॉइंट वेंचर फर्म मै. जयभूषण मलिक कांट्रेक्टर्स पटियाला तथा मै. कॉन्फिडेंस इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर के साथ जल निगम-जल संस्थान के साथ अनुबंध का खुला उल्लंघन हुआ है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए जल संस्थान गोपेश्वर को दिए बिल भी संदिग्ध पाए गए हैं जिनकी जांच की संस्तुति की गई है। एसटीपी संचालन के लिए विद्युत विभाग और जल संस्थान के अधिकारियों में आपसी तालमेल-सामंजस्य भी नहीं था। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पहुंच मार्ग भी संकरा पाया गया है।