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“छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित करने और वित्तीय जरूरतों के कारण ही मुस्लिम फण्ड जैसी संस्थाओं पर बना है भरोसा”, बोले मुस्लिम फण्ड कांठ के शाखा प्रबंधक

Uttarakhand


कांठ/मुरादाबाद (रिपोर्ट: कलीम अंसारी)

ऑनलाइन होते बैंकिंग सेक्टर और कई प्रकार के पेमेंट, फीस सिस्टम बैंकों से होने और कई प्रकार की वित्तीय सुविधाएं ग्राहकों को उपलब्ध कराने के कारण सरकारी और गैरसरकारी क्षेत्र के बैंकों की उपयोगिता बढ़ी है लेकिन इस सबके बावजूद क्षेत्रीय बैंकिंग सुविधाओं में मुस्लिम फण्ड जैसी संस्थाओं को छोटी-छोटी बचत और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के तौर पर भी लोग पसंद करते हैं। जिला मुरादाबाद के कस्बा कांठ की मुस्लिम फंड के शाखा प्रबंधक जाकिर इकबाल से कारोबार अर्थव्यवस्था सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई, पढ़िए कलीम अंसारी की उनसे हुए साक्षात्कार के अंश। इस दौरान उप-प्रबंधक इसरार अहमद एवं हाफिज मजहर भी मौजूद रहे।

प्रश्न.1- आपकी संस्था की उन्नति का रहस्य क्या है?
उत्तर:-
देखिए समझ लीजिए इमानदारी, ध्यानतदारी, समय की पाबंदी, सर्वधर्म अनुयायियों की आर्थिक समस्याओं का त्वरित समाधान करना ही हमारी फर्स्ट चॉइस बनी रहती है, यही प्रगति का रहस्य है।

प्रश्न.2- खाताधारकों को किन शर्तों पर ऋण देते हैं ?
उत्तर:- हम ऋण लेने वालों से लिखित एग्रीमेंट करते हैं, आवश्यकता के अनुसार उनसे गोल्ड या पुख्ता गारंटर भी लेते हैं, जरूरी डाक्यूमेंट्स भी लेते हैं।

प्रश्न.3- आमतौर पर बैकों में लोग अपने खाते खुलवाते हैं, ऐसा क्या कारण है कि मुस्लिम फंड जैसे छोटे बैंकिंग संस्थान से लोग जुड़े हुए हैं?

उत्तर:- सबसे पहली बात तो ये है कि आमतौर पर बैंकों में बड़ी बचत के खाते ही खोले जाते हैं, मुस्लिम फण्ड लोगों को छोटी-छोटी दैनिक बचत सुरक्षित करने की सुविधा देता है। इसीलिए खाताधारकों या ग्राहकों का भरोसा मुस्लिम फण्ड पर जमा हुआ है।

प्रश्न.4- दुनियाभर में एक बड़ी आबादी पौष्टिक भोजन से वंचित रहती है, भारत में भी तमाम लोगों को जरूरतभर का पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता है, आप किस तरह से देखते हैं इसे?

उत्तर:- ये अच्छे हालात नहीं हैं, इनको सुधारने की लगातार कोशिशें होनी चाहिए। पौष्टिक भोजन मुहैया कराने और कुपोषण से बच्चों और लोगों को बचाने के लिए भारत सरकार भी कई मोर्चों पर काम कर रही है, मुझे लगता है कि वर्तमान में खुराक की किल्लत के लिए रूस यूक्रेन युद्ध में एक मुख्य कारण है।

प्रश्न.5- बेरोजगारी पर अंकुश कैसे लगे क्या मानना है आपका?

उत्तर:- इस मामले में मेरी सोच स्पष्ट है, स्वरोजगार पर युवा जोश ध्यान केंद्रित करें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस भी रहता है, नौजवानों को चाहिए कि नौकरी की कोशिशों के साथ-साथ अपने स्वरोजगार के ऑप्शन पर भी काम करना चाहिए

प्रश्न.6- वर्तमान पत्रकारिता पर क्या कहना चाहेंगे?

उत्तर:- देखिये कलीम साहब, मेरे विचार से आप जैसे लिखने-पढ़ने वाले लोगों की कीमत पीत-पत्रकारिता करने वालों से प्रभावित हुई है, इस बात में किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।