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इधर तरह-तरह की अटकलें, उधर अनिल बलूनी की अमित शाह और नड्डा से मुलाकात, आख़िर माजरा क्या है?

Uttarakhand


देहरादून

बीजेपी कोर कमेटी की अचानक बुलाई गई बैठक के बीच ही राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली पार्टी कार्यालय में मुलाकात हुई है। इस बैठक में क्या कुछ चर्चा हुई है इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। लेकिन इस बैठक को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में भी चर्चा गरम हो रही है।

ये बात तो साफ है कि राज्य सरकार के भीतर सबकुछ सही और स्मूथ नहीं चल रहा है लेकिन सवाल ये है कि क्या उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर वाकई ही बीजेपी विचार कर रही है? इस सवाल का जवाब सीएम त्रिवेंद्र के समर्थक और असंतुष्टों का जवाब अलग-अलग हो सकता है। लेकिन वर्तमान राजनीतिक हालात पर हमारा लॉजिक ये कहता है कि बीजेपी ऐसे हालात और चुनावी वर्ष में नेतृत्व परिवर्तन जैसा बड़ा जोखिम नहीं उठाएगी। कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं और पार्टी ऐसे में किसी प्रकार का उथलपुथल वाले संदेश जाने वाले किसी भी ऐसे बड़े फैसले से परहेज़ करेगी।

ये बात सही है कि त्रिवेंद्र सरकार में 57 विधायकों का प्रचंड बहुमत होने के बावजूद सरकार में सभी संतुष्ट नहीं हैं। इस असंतुष्टि के भाव को समाप्त करने की अलकामन भरपूर कोशिश करेगा। हो सकता है कि सीएम को भी सभी को साथ लेकर चलने के लिए कुछ टिप्स दिए जाएं। माना जा रहा है मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ निर्णयों में किसी से राय मशवरा नहीं किया गया और इससे भी कुछ असंतुष्टि पनप रही है। बहरहाल अचानक कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है और पहली बार ऐसे ऑब्ज़र्वर बनाकर भेजे गए हैं तो सबकुछ तो ठीकठाक नहीं माना जा सकता है। और शायद इसी सबकुछ को ठीकठाक करने की बीजेपी हर हाल में कोशिश करेगी।