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राज्य सरकार का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया

Dehradun Uttarakhand






देहरादून ।     सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस  (सीटू) ने निर्माणाधीन लखवाड़ व्यासी जलविद्युत परियोजना के श्रमिकों पर पुलिस द्वारा हुए लाठी चार्ज के विरोध में  सीटू ने आज राज्य सरकार का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। आज प्रातः सीटू से जुड़े कार्यकर्ता राजपुर रोड सीटू कार्यालय में इकट्ठा हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह  धामी का पुतला लेकर नारेबाजी करते हुए गांधीपार्क पहुँचे और पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, अध्यक्ष एसएस नेगी, भगवंत पयाल, रवींद्र नौडियाल, दीपक शर्मा, हिमांशु चौहान, नरेंद्र सिंह, हरीश कुमार, लक्ष्मी नारायण, मुकुल देव, मनीष कुमार, आदि उपस्थित थे ।

इस अवसर पर सीटू के महामंत्री लेखराज ने कहा कि संविदाकार एल & टी कंपनी द्वारा श्रमिकों को उनके अधिकार नहीं दे रही है जबकि श्रम कानूनो में टनल अलाउंस, रात्रि भत्ता, प्रोजेक्ट अलाउंस, वेतन पर्ची, स्थाई आदेश, नियुक्ति पत्र तक नहीं है जिसे श्रम विभाग भी अनदेखी कर रहा है। जिसमें श्रम विभाग की भी मिली भगत सामने आ रही है इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब मजदूर अपनी मांगों को लेकर शांति पूर्णः तरीके से आंदोलन कर रहा था जोकि कार्य स्थल से 500 मीटर दूर वीरान पड़ी सड़क के किनारे बैठे थे जिस पर भी एल & टी कंपनी की मिलीभगत से ताकि श्रमिकों को डराया धमकाया जा सके पुलिस बल का प्रयोग किया गया जो निंदनीय ही नहीं आपराधिक कार्रवाई है उन्होंने कहा कि औद्योगिक विवाद अधिनियम में हड़ताल का प्रावधान स्पष्ट है ।

उन्होंने कहा कि एल & टी कंपनी की यह लूट की साजिश कभी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस अब के लिए राज्य की मजदूर विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया तथा सरकार से मांग की कि वे मजदूरी के हित में टनल अलाउंस, प्रोजेक्ट अलाउंस,रात्रि भत्ता सहित अन्य अलाउंसो का आदेश जारी करें और उत्तराखंड में कठोर श्रम कानून लागू करे ताकि किसी को भी मजदूरों का शोषण करने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि एल &टी मैनेजमेंट सीटू से संबंध यूनियन को समाप्त करने का षड्यंत्र रच रहा है जिसे श्रमिकों ने अपनी एकता का परिचय देते हुए दरकिनार कर दिया है।

इसके पश्चात श्रमिकों ने आज डाकपत्थर स्थित यूजेवीएनएल के लखवाड़ भवन का घेराव किया क्रोधित श्रमिकों ने स्पष्ट किय कि जब तक वार्ता नहीं होती है वे घेराव समाप्त नहीं करेंगे। इस पर यूजेवीएनएल के डीजीएम गिरीश रावत , अधिशाषी अभियंता शशांक पांडेय सहित अन्य अधिकारियों लखवाड़ भवन में देहरादून से गए सीटू पदाधिकारियों व संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड के पदाधिकारियों के मध्य वार्ता हुई जिसमें निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी जिसमें हर 15 दिनों में यूनियन पदाधिकारियों के मध्य श्रमिकों की समस्याओं पर वार्ता होगी व स्थाई आदेश लागू होगा तथा हाउस रेंट मिलेगा , हड़ताल के दौरान किसी भी श्रमिकों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा तथा टनल अलाउंस, प्रोजेक्ट अलाउंस , रात्री अलाउंस पर अन्य बैठकों में वार्ता की जाएगी जिस पर शिकायत निवारण समिति का गठन भी किया गया तब श्रमिकों ने घेराव समाप्त किया ।किन्तु चेतावनी दी कि यदि वार्ता के बिंदुओं पर कार्यवाही नहीं होती है तो वे फिर से आंदोलन को बाध्य होंगे।

इस अवसर पर सीटू ने सहायक श्रमायुक्त धर्मराज की भूमिका पर सवाल उठाए क्योंकि उन्होंने श्रम कानूनों को नजर अंदाज कर वार्ता को एल&टी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है सीटू ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग शासन से की है। उनकी अनुपस्थित में वार्ता सफल रही।  वार्ता में सीटू के जिला उपाध्यक्ष दीपक शर्मा , भगवंत पयाल,रवींद्र नौडियाल, हिमांशु चौहान , यूनियन अध्यक्ष प्रदीप चौहान,बबलू प्रकाश, विपिन कुमार , बाबी सिंह आदि शामिल थे।

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