By: Neha Goyal
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने कहा कि 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित राहुल गांधी का कार्यक्रम कांग्रेस के लिए अनेक चुनौतियों के बीच आयोजित हुआ, लेकिन तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद यह कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। राजीव महर्षि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार और समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
राजीव महर्षि ने कहा कि शुरुआत से ही कार्यक्रम की तैयारियों के सामने लगातार नई चुनौतियां आती रहीं। सबसे पहले कार्यक्रम का आयोजन देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित था, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा चुका था। लेकिन बाद में प्रशासन ने परेड ग्राउंड की अनुमति निरस्त कर दी। उन्होंने कहा कि उसी दौरान वहां आयोजित लोक संवर्धन पर्व को दो दिन के लिए आगे बढ़ाते हुए 17 जुलाई को ही गायक जैस्लिन सैंडल का कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया, जिसके बाद कांग्रेस को बेहद कम समय में पूरा आयोजन स्थल बदलकर बन्नू स्कूल मैदान में तैयारियां करनी पड़ीं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बीच कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले एक अत्यंत दुखद घटना भी हुई। मंच निर्माण कार्य में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता के ऊपर लोहे का पिलर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनका निधन हो गया। इस घटना से पूरे संगठन में शोक का माहौल था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम की तैयारियां भी जारी रखीं।
राजीव महर्षि ने कहा कि कार्यक्रम वाले दिन सुबह से ही देहरादून में भारी बारिश ने भी आयोजकों की चिंता बढ़ा दी थी। कांग्रेस का दावा था कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ढाई लाख से अधिक युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, ऐसे में लगातार बारिश के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को लेकर स्वाभाविक रूप से आशंकाएं थीं।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व के मार्गदर्शन, हजारों कार्यकर्ताओं की जी-तोड़ मेहनत, स्वयंसेवकों के समर्पण और प्रदेशभर से पहुंचे युवाओं के उत्साह ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं के साथ सीधे संवाद कर शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी, जिसे युवाओं का व्यापक समर्थन मिला।
राजीव महर्षि ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल कार्यक्रम को लेकर तरह-तरह के दावे कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जिस प्रकार युवाओं की भागीदारी रही, वह कांग्रेस के लिए उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं की आकांक्षाओं और बदलाव की आवाज का मंच बनकर सामने आया।



