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पीएम मोदी ने उत्तराखंड को दी 18 हजार करोड़ की सौगात, देहरादून में आयोजित रैली में पीएम ने गढ़वाली में अपने संबोधन की शुरुआत की

Dehradun Delhi Uttarakhand


देहरादून, बिग न्यूज़ टूडे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के परेड मैदान से राज्य को 18 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें लगभग 8300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा शामिल है। इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं। पिछली सरकारों ने वन रैंक, वन पेंशन की अनदेखी की। बॉर्डर के पास सड़कें और पुल बनें, इस ओर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। सेना को निराश करने का काम किया। आज सेना गोली का जवाब, गोली से देती है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पानी और जवानी यहीं के काम आएंगे। इसके अलावा पीएम ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल भेद करके एक तबके के लिए वोट बैंक की राजनीति करते हैं जबकि हम सभी के लिए योजनाएं बनाते हैं। हमारा मार्ग कठिन जरूर है लेकिन हम देशहित में काम करते हैं। पहले की सरकारों ने सोची समझी रणनीति के तहत जनता को ताकतवर नहीं बनने दिया। हमने इस अप्रोच से अलग रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता। ऐसा कोई संकल्प नहीं है जो यहां सिद्ध नहीं हो सकता।

पीएम नरेंद्र मोदी वायु सेना के विमान से करीब 12:50 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां भाजपा नेताओं व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, डीजीपी अशोक कुमार और मुख्य सचिव एस एस संधू ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद उन्होंने परेड मैदान में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने गढ़वाली में अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सभी दाणा सयानो, दीदी भूलियो, चची और भय बहणों, आप सभी छ मेरा प्रणाम। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इन्हें धरातल पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया गया है। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत व अनेक प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये दिन आया है। मैं केदारपुरी के बाद अब देहरादून से दोहरा रहा हूं। ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी। जो लोग पूछते हैं कि डबल इंजन की सरकार का क्या फायदा है, वह देख सकते हैं, कैसे ये सरकार विकास की गंगा बहा रही है।

पीएम ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे हमारे विकास के मॉडल का भी प्रमाण होगा। इसमें एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनेगा। पहले जब भी मैं उत्तराखंड आता था याद रखना आने-जाने वालों से मिलता था वह हमेशा कहते थे मोदी जी दिल्ली से देहरादून की यात्रा गणेशपुर तक तो आसानी से हो जाती है, लेकिन गणेशपुर से देहरादून तक बड़ी मुश्किल होती है आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो दिल्ली से देहरादून आने में जो समय लगता है वह करीब करीब आधा हो जाएगा। इससे ना केवल देहरादून के लोगों को फायदा पहुंचेगा बल्कि हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली बागपत और मेरठ जाने वालों को भी सुविधा होगी। 

पीएम ने कहा कि दस साल में देश में जो घोटाले हुए, उसकी भरपाई के लिए हम दोगुनी रफ्तार से काम कर रहे हैं। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति दोगुनी तेजी से काम करने की है। 21वीं सदी के इस कालखंड में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है जो भारत को विकसित देशों की संख्या में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2007 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 600 करोड़ रुपये के केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। जबकि हमारी सरकार ने अपने 7 वर्षों में उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये के 2,000 किलोमीटर से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। कोरोनाकाल में उत्तराखंड में 50 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। आज प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।