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“केजरीवाल के रोजगार के दावे झूठे, दिल्ली में वर्ष 2016 से 2018 तक सिर्फ 214 लोगों को रोज़गार मिला”- गरिमा महरा दसौनी

Uttarakhand


Photo: कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी एवं दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल

देहरादून ( Faizan Khan ‘Faizy’)

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की गढ़वाल मण्डल की मीडिया प्रभारी गरिमा महरा दसौनी ने सोमवार को प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केजरीवाल के हल्द्वानी दौरे के दौरान उत्तराखण्ड के युवाओं से रोजगार के सम्बन्ध में किये गये वादे को छलावा और राजनीति से प्रेरित बताया है। दसौनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पिछले 7 सालों से दिल्ली की सत्ता संभाल रहे हैं फिर भी दिल्ली उच्च स्तर की बेरोजगारी से जूझ रही है। दसौनी ने कहा कि मई 2021 में दिल्ली में बेरोजगारी दर 45.6 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो देश में सबसे अधिक है। तकनीकी रूप से मई में हर दूसरा नौकरी तलाशने वाला व्यक्ति बेरोजगार था। दसौनी ने कहा कि इसे विडंबना ही कहा जा सकता है कि राजधानी में युवा बेरोजगारी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। दसौनी ने पत्रकारों के समक्ष आंकडे रखते हुए कहा कि जनवरी-अप्रैल 2021 की अवधि में 15-19 आयु वर्ग के लिए बेरोजगारी दर 50 प्रतिषत थी, 20-24 आयु वर्ग के लिए 49 प्रतिषत थी, और 25-29 आयु वर्ग के लिए 24/54 प्रतिशत थी।

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा ने कहा है कि बेरोजगारी के मामले में दिल्ली में महिलाओं की स्थिति और भी बदतर है जो कि 67.7 प्रतिषत (आयु वर्ग 20- 24) आंकी गयी है। दसौनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी झूठे वादे करने में माहिर है। 2015 में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में लोगों के लिए 8 लाख नौकरियों का वादा किया था। यह वादा पूरा नहीं हुआ एवं दिल्ली में उच्च बेरोजगारी साबित करती है कि कैसे आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के युवाओं के साथ छलावा किया है। दसौनी ने बताया कि नौकरियां पैदा करने में अपनी विफलता को महसूस करते हुए, आम आदमी पार्टी के 2020 के घोषणापत्र में दिल्ली में नौकरियों के लिए कोई वादा नहीं किया गया।

दिल्ली में रोजगार कार्यालय युवाओं को रोजगार देने में विफल रहे हैं एवं कथित तौर पर, दिल्ली एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज ने दिल्ली कांग्रेस के आरटीआई सेल के द्वारा रोजगार के सम्बन्ध में दायर सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 2016 में 102 लोगों को नौकरी दी गई थी, 2017 में 66 लोग और अप्रैल 2018 तक 46 लोगो को ही रोजगार मुहैया कराया गया।

दसौनी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने स्कूलों में रिक्त शिक्षक पदों को तक नहीं भरा है पिछले साल सितंबर में दिल्ली में करीब 11 फीसदी शिक्षक पद खाली थे। दसौनी ने कहा कि उत्तराखण्ड में आकर केजरीवाल बडे बडे दावे कर कर रहे हैं जिसमें से एक है रोजगार के लिए अलग मंत्रालय का वादा लेकिन आम आदमी पार्टी दिसंबर 2013 से दिल्ली पर शासन कर रही है, फिर भी दिल्ली में रोजगार के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं है। यह किए गए भव्य वादों के पीछे आम आदमी पार्टी की असली मंशा को दर्शाता है। दसौनी ने कहा कि केजरीवाल ने उत्तराखण्ड के युवाओं से 5 हजार प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया, ऐसे में सवाल यह उठता है कि दिल्ली में बैठकर उत्तराखण्ड की माली हालत का केजरीवाल को अंदाजा भी नही है ऐसे में दसौनी ने आम आदमी पार्टी को सलाह दी कि उत्तराखण्ड के युवाओं को सब्जबाग दिखाना बन्द करें। दसौनी ने कहा कि यह राहत की बात है कि आदमी पार्टी को मुफ्त बिजली के अलावा उत्तराखण्ड की जनता की बाकी दिक्कते देर से सही मगर समझ तो आयी।