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आरोप सिद्ध न होने पर दुष्कर्म का आरोपी, शादी के झांसे में लेकर दुष्कर्म का था आरोप

Dehradun Uttarakhand


देहरादून, बिग न्यूज़ टूडे: आरोप सिद्ध न होने पर पोक्सो कोर्ट ने वर्ष 2018 के एक मामले में दुष्कर्म के आरोपी को 5 वर्ष की न्यायिक बरी कर दिया है। पॉक्सो कोर्ट में चले दुष्कर्म के मामले में अभियोजन पक्ष आरोप को सिद्ध नहीं कर पाया। मामले में निर्णय देते हुए अपर जिला एवं सेशन जज -एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) पंकज तोमर की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

मामले के अनुसार 20 अगस्त 2018 को एसएसपी से लिखित शिकायत में एक युवती ने बताया कि उसकी कोतवाली क्षेत्र के झंडा बाजार निवासी विशाल सिंघल से दोस्ती हुई थी, लेकिन एक दिन युवती के आवास पर ही मौका पाकर उसके दोस्त ने उसे जबरदस्ती संबंध बनाए, और युवती के मना करने पर, व नाराज होने के बाद उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। शिकायती पत्र में कहा गया था कि उसका दोस्त विशाल सिंघल विवाह का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा लेकिन 14 अगस्त को उसके परिजनों ने युवती को बुलाकर उल्टा सीधा बोलकर विवाह करने से इंकार कर दिया, विशाल ने भी फोन पर बहुत उल्टा-सीधा बोलकर शादी करने से इंकार कर दिया।

युवती की शिकायत पर थाना पटेल नगर में आरोपी युवक के खिलाफ 5 सितंबर 2018 को मुकदमा अपराध संख्या 369-2018 के अंतर्गत धारा 376, 506 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके बाद पुलिस ने 15 सितंबर 2018 को आरोपी विशाल सिंघल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसकी 15 अक्टूबर 2018 को बेल हो गई थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए आखिरकार आरोपी विशाल सिंघल को न्यायालय ने बरी कर दिया है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित तोमर ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष (वादी पक्ष) अपने आरोप सिद्ध नहीं कर पाया है। इसलिए माननीय न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया है, कहा कि आरोपी पर दुष्कर्म के आरोप गलत थे।