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नरेंद्र मोदी सरकार-3 में उत्तराखंड से अल्मोड़ा (सुरक्षित) सांसद अजट टम्टा राज्यमंत्री के रूप में हुए शामिल

Dehradun Delhi Uttarakhand


नई दिल्ली BIG NEWS TODAY : राज्य की अल्मोड़ा सुरक्षित सीट से सांसद चुने गए अजय टम्टा वर्ष 2014 से 2019 की मोदी सरकार-1 में भी कपड़ा मंत्री रह चुके हैं। इस बार फिर से मोदी सरकार-3 में अजट टम्टा की किस्मत का सितारा चमक गया है और उन्होंने मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को पछाड़ दिया है। मोदी कैबिनेट में अपेक्षा के अनुरूप उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व मिला है जिसमें मंत्रिमंडल में शामिल होने में अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा ने बाजी मार ली है।

अजट टम्टा उत्तराखंड की एससी आरक्षित सीट अल्मोड़ा लोकसभा सीट से वर्ष 2014, 2019 , और अब 2024 में लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। हालांकि वर्ष 2019 वाली मोदी-2 सरकार में वो मंत्रिमंडल में शामिल होने से चूक गए थे और हरिद्वार से सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को मोदी कैबिनेट में मानव संसाधन व बाद में शिक्षा मंत्री के रूप में शामिल किया  गया था। इसी सरकार में 2021 में निशंक के स्थान पर नैनीताल से सांसद अजय भट्ट को पर्यटन व रक्षा राज्यमंत्री बनाया गया था। इस बार मोदी सरकार-3 में पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के मंत्रिमंडल में शामिल होने की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं काफी तेजी से चल रहीं थीं लेकिन एक बार फिर से अजट टम्टा को ही मोदी की टीम में स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अजय टम्टा को मंत्रीमंडल में शामिल होने पर बधाई दी है।

क्या हैं जातिगत समीकरण? सांसद अजय टम्टा अल्मोड़ा सुरक्षित सीट से लोकसभा में निर्वाचित हुए हैं। राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ठाकुर हैं और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भट्ट हैं जो कि ब्राह्मण हैं। ऐसे में अजय टम्टा के मोदी सरकार में शामिल होने से माना जा रहा है कि बीजेपी ने जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है। साथ ही अजट टम्टा को मोदी सरकार में काम करने का पुराना अनुभव है जिससे उन्हे कामकाज में सहूलियत भी होगी। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पिछले दिनों उत्तराखंड से राज्यसभा के सांसद निर्वाचित हो चुके हैं।

ये रहा है अजय टम्टा का राजनीतिक सफर– 16 जुलाई 1972 को जन्मे अजय टम्टा ने 23 वर्ष की उम्र में सक्रिय तौर पर राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, वे स्नातक तक शिक्षित हैं। अब तक उन्होंने 9 बार चुनाव लड़ा और 6 में जीत दर्ज करके खुद को राजनीति में स्थापित किया। वर्ष 1996 में जिला पंचायत के चुनावों में अजट टम्टा जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए और वो जिला पंचायत उपाध्यक्ष चुने गए। वर्ष 1999 से 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। तब उन्होंने राज्य में सबसे कम उम्र जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया था। अजट टम्टा ने उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 के विधानसभा चुनावों में सोमेश्वर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। विधानसभा चुनाव वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर फिर से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। लोकसभा चुनाव वर्ष 2009 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप टम्टा से हार गए थे। विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में उन्होंने सोमेश्वर सीट से ही विधानसभा तक का सफर तय किया। बीजेपी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में अजय टम्टा को ही मैदान में उतारा और वो जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2019 में भी लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से लगातार दूसरी जीत दर्ज की। और अब 2024 लोकसभा चुनाव में भी जीतकर हैट्रिक लगाई है।