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झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 की मौत, उत्तराखंड सीएम ने दिए स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट के निर्देश

Dehradun Delhi Mussoorie Rajasthan Uttarakhand


प्रदेश के सभी स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट किया जाए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को दिए निर्देश, राजस्थान के झालावाड़ में गिरी स्कूल की छत

BIG NEWS TODAY : (देहरादून, 25 जुलाई 2025)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट किया जाए। जर्जर एवं असुरक्षित स्कूल भवनों में बच्चों को किसी भी स्थिति में न बैठाया जाए। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां भी स्कूल भवन मरम्मत योग्य हो, वहां शीघ्र मरम्मत कराया जाए और जहां पुनर्निर्माण की आवश्यकता हो, वहां उसकी कार्य योजना बनाकर तत्परता से क्रियान्वयन किया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, आईजी के.एस.नगन्याल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।
स्रोतः साभार- झालावाड़ (राजस्थान) का स्कूल हादसे की फोटो

क्या हुआ है झालावाड़ राजस्थान में ?

राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी (Piplodi) गांव में आज शुक्रवार सुबह (25 जुलाई, 2025) को एक सरकारी स्कूल की छत गिरने की दुखद घटना सुबह है। इस हादसे में कम से कम 7 छात्रों की मौत बताई जा रही है, और लगभग 29 बच्चे घायल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

शुरुआत में चेतावनी की अनदेखी

  • स्कूल भवन पहले से जर्जर हालत में था; बारिश की वजह से स्थिति और बिगड़ गई थी। शिक्षा विभाग ने 14 जुलाई 2025 को ऐसे भवनों के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन यह स्कूल सूची में नहीं था और कोई मरम्मत नहीं हुई।
  • घटना से पहले दो छात्रों ने छत से पत्थर गिरने की बात बताई थी, लेकिन उन्हें कक्षा में रहने का निर्देश दिया गया: “Nothing will happen, stay in class।” यही लापरवाही घातक साबित हुई।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही घायलों का निःशुल्क इलाज कराने का वादा किया।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 200 करोड़ रुपये के मरम्मत बजट का जिक्र किया जो लंबित रहा था। उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की।

उत्तराखंड में सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट भी होगा

प्रदेश के सभी पुलों का भी सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन पुलों की स्थिति खराब हो रही है, उनका आवश्यकतानुसार मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाए और कहीं भी जर्जर पुलों के कारण कोई जनहानि न हो।

उत्तराखंड में वेडिंग डेस्टिनेश तेजी से हों विकसितः धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रियुगीनारायण और राज्य के अन्य स्थल जो वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किये जा रहे हैं, उनकी कार्यवाही में तेजी लाई जाय। यह राज्य के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन स्थलों के विकास में गुणवत्ता, सुविधा और सांस्कृतिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, अन्य राज्यों की वेडिंग पॉलिसी का अध्ययन भी किया जाए ताकि उत्तराखंड में एक प्रभावी और आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन नीति विकसित की जा सके।

दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन भी हो रहे विकसित

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित किये जाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी सशक्त करेगी। संबंधित विभागों को इस दिशा में आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्य योजना बनाकर कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिए हैं।