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फोरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लगा ग्रहण, पेपर लीक मामले से मचा हड़कंप – उत्तराखंड

Uttarakhand


फोरेस्ट गार्ड के 1218 पदों पर 1,56,046 अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग गठन से अबतक सबसे बड़ी परीक्षा थीब्लूटूथ डिवाईस से परीक्षा कराने और 5-5 लाख रुपये लेने का लगा आरोप
रुड़की के नारसन के इंस्टीट्यूट संचालक मुकेश सैनी पर मुकदमा दर्ज हुआ है

क्या है मामला

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फोरेस्ट गार्ड के 1218 पदों के लिए 16 फरवरी 2020 को प्रदेशभर में एकसाथ लिखित परीक्षा कराई थी. इस लिखित परीक्षा में 1,56,046 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. ये वर्ष 2014 में अस्तित्व में आए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के इतिहास में अबतक की सबसे ज्यादा पदों वाली परीक्षा थी. साथ ही सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने के हिसाब से भी पहली इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा थी. लेकिन इस भर्ती परीक्षा को ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है. परीक्षा के दिन ही सोशल मीडिया में फोरेस्ट गार्ड परीक्षा की ओएमआर शीट का फोटो वायरल होने से हड़कंप मंच गया. इस पर परीक्षा का पर्चा लीक होने की चर्चाएँ होने लगीं. इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने ही पेपर लीक होने की बात कहते हुए विरोध किया है. 

एसआईटी कर रही जांच, मुकेश सैनी है मुख्य आरोपी


पेपर लीक करने और ब्लूटूथ डिवाईस से नकल कराने के घपले में मुख्य आरोपी के रूप में मुकेश सैनी का नाम सामने आ रहा है. पुलिस ने मुकेश सैनी और उसके एक साथी पर भी मुकदमा दर्ज किया है. ये दोनों ही फरार बताए जा रहे हैं. फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा धोकाधड़ी के मामले में और नए 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसमें रुड़की के मंगलौर में 8, पौड़ी में 3 लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होने 5-5 लाख में भर्ती परीक्षा पास कराने का सौदा किया था. अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने का झांसा दिया गया था. 16 फरवरी को राज्यभर में फॉरेस्ट गार्ड की लिखित परीक्षा आयोजित की गयी थी. 

कौन मुख्य आरोपी मुकेश सैनी

नारसन में ओजस्व कैरियर इंस्टीट्यूट के नाम से कोचिंग सेटंर चलाता है. अब से पहले भी वर्ष 2016 और 2018 में एसएससी और एलटी की परीक्षा में गड़बड़ी करने के मामले में मुकेश सैनी पर आरोप लग चुके हैं. हरिद्वार के मंगलौर और देहरादून में भी मुकेश सैनी के खिलाफ मुकदमें दर्ज हो चुके हैं. बताते हैं कि मुकेश सैनी ने कई बड़े लोगों से भी नजदीकी संबध रहे हैं और कुछ वर्ष पहले सुरक्षा एचेंसी भी मुकेश सैनी ने शुरु की थी.

क्या कहा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने

CM TRIVENDRA SINGH RAWAT

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फोरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक और धोकाधड़ी के मामले को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. सीएम ने परीक्षा निरस्त कराने के सवाल पर कहा है कि पूरी जांच के बिना परीक्षा निरस्त करना कोई मसले का हल नहीं है. उन्होने कहा है कि इस मामले में अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी है. मामले की जांच की जा रही है, दोषिय़ों पर सख्ता कार्यवाई होगी. सीएम ने कहा है कि पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर अच्छा काम किया है।

क्या रुख है अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का कहना है कि पूरे मामले की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट की संस्तुतियों के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा. यदि जांच रिपोर्ट में फोरेस्ट गार्ड की भर्ती परीक्षा को रद्द करने की संस्तुति की गई तो परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी. गौरतलब है कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओँ में विवाद हो चुके हैं. इससे पहले ग्राम पंचायत विकास अधीकारी के 180 पदों की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी, जिसमें 87 हज़ार अभ्यर्थि लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे. इसके अलावा जेई इलेक्ट्रिक टेक्निकल 252 पदों की भर्ती परीक्षा भी रद्द करनी पड़ी थी, जिसमें करीब 10 हज़ार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी. ये मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

विपक्ष मिला राज्यपाल से, परीक्षा रद्द करने को कहा

फोरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा का पेपर लीक और धोकाधड़ी मामले की कांग्रेस डेलीगेशन ने राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से शिकायत की है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिले हैं. राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस ने भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी पर चिंता जाहिर की है. साथ ही फोरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। प्रीतम सिंह ने कहा है कि पहली इतनी बड़ी भर्ती की परीक्षा हो रही थी उसमें भी गड़बड़ी और पेपरलीक की बाते साामने आ रही हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण है।