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उत्तराखंड किसान आत्महत्या मामला सरकार और पुलिस के लिए कलंकः गणेश गोदियाल

Dehradun Uttarakhand


देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आज उधमसिंहनगर के ग्राम पैगा पहुंचकर मृतक किसान सुखवंत सिंह के परिजनों से मुलाकात कर शोक एवं सांत्वना व्यक्त की तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के निवर्तमान प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व मे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधि मण्डल ने मृतक किसान के परिजनों से मुलाक़ात की। इस अवसर पर कांग्रेस के नेताओं ने काशीपुर में किसान के आत्महत्या करने के मामले की सरकार से न्यायिक जांच की मांग भी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि किसान की आत्महत्या के पीछे के कारण इंसानियत को झकझोर देने वाले हैं। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है तथा काशीपुर में किसान की आत्महत्या का मामला इसका जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला है, अपितु धामी सरकार और राज्य पुलिस के माथे पर कलंक है। इस प्रकार के कृत्यों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता जनता को सोचने के लिए मजबूर करती है कि पुलिसकर्मी अपने परिवार के सुखचैन के लिए किसी के जीवन को खरीद रहे हैं तो यह राज्यवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। किसान द्वारा की गई धोखाधडी की शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे आरोपियों से पैसे लेकर शिकायत कर्ता किसाना को ही प्रताडित करना और धमकाना शुरू किया जिसके लिए उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की जानी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाय। साथ ही मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआबजा दिया जाय और आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाय ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि इस मामले में पुलिस कर्मियों को निलंबित करना काफी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के आगे एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ। इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है बल्कि सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। इसके अलावा दोषी पुलिस अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाए। मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की सरकार घोषणा करे। मृतक किसान उत्पीड़न में संलिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में किसान सुरक्षित नहीं है। पीड़ित लोगों को न्याय मिले, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मनोज यादव, विधायक तिलकराज बेहड़, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, विधायक जसपुर आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, एआईसीसी सदस्य अनुपम शर्मा, इंदु मान, संदीप सहगल, मनोज जोशी आदि कांग्रेस नेता उपस्थित थे।