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सीबीआई जांच न्यायिक देख रेख में हो अन्यथा उस पर किसी को भरोसा नहीं: सूर्यकांत धस्माना

Dehradun Uttarakhand


देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त वीआईपी और इससे संबंधित साक्ष्य मिटाने वाले लोगों का पता लगाने की लिए सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी में कराए जाने के लिए पिछले एक पखवाड़े से ज्यादा समय से राज्य भर में चल रहे आंदोलन का यह असर ही की अंकिता भंडारी को न्याय दिलवाने की दिशा में आज राज्य की सरकार को सीबीआई जांच कराए जाने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजनी पड़ी यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश सरकार की संस्तुति पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह अंकिता भंडारी की आत्मा को न्याय दिलाने की लड़ाई का पहला कदम है अभी केंद्र का राज्य की संस्तुति स्वीकार करना व सीबीआई जांच न्यायिक देख रेख में करने का आदेश देना असली लड़ाई की सफलता और अंकिता को न्याय की उम्मीद तभी सार्थक होगी अन्यथा सीबीआई पर आज देश में किसी को भरोसा नहीं है इसलिए कांग्रेस पार्टी सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जज की निगरानी में कराए जाने के आदेश होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।