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बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले की हो हाई कोर्ट के तीन सिटिंग जजों की समिति से जांच                                  

Uttarakhand






Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha’

जनता की आवाज दबा रही है धामी सरकार : बुटोला
देहरादून (Big news today)। बद्रीनाथ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने राजधानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में वर्तमान राज्य सरकार और बद्री-केदार मंदिर समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी के मामले में तत्काल प्रभाव से उच्च  न्यायालय के तीन सिटिंग जजों की विशेष समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए विधायक बुटोला अत्यंत भावुक हो गए। उन्होंने अत्यंत व्यथित मन से कहा:”मैं उस पवित्र और पावन भूमि का प्रतिनिधित्व करता हूँ जहाँ साक्षात भगवान विष्णु का बैकुंठ धाम है, जहाँ गुरुओं की तपोभूमि श्री हेमकुंड साहिब स्थित है। आज हमारे इन पावन देवस्थानों और पवित्र मंदिरों में चढ़ावे की चोरी हो रही है।

इस कुकृत्य से मेरा मन गहरे दुःख और पीड़ा से भरा है, और आज देश-विदेश के करोड़ों सनातनियों का मन भी पूरी तरह व्यथित है।”इसके साथ ही वर्तमान जांच प्रणाली और सरकार के रवैये पर कड़ा तंज कसते हुए उन्होंने यह शेर भी पढ़ा:”चोर भी तुम्हारा है सरकार का साया भी तुम्हारा है , तुम चोर को ईमानदार बता दो जाँच अधिकारी भी तुम्हारा है।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक बुटोला ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु मीडिया के सामने रखे।


सिटिंग जजों से जांच की मांग: सरकार की किसी भी विभागीय या स्थानीय जांच पर हमें भरोसा नहीं है। इस महाघोटाले का सच सामने लाने के लिए माननीय हाई कोर्ट के तीन सिटिंग जजों की कमेटी से ही समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए।


आस्था के साथ खिलवाड़ : बद्रीनाथ धाम में कथित दान चोरी का मामला केवल वित्तीय भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों सनातनियों की धार्मिक आस्था पर गहरा प्रहार है। सत्ता पक्ष में असंतोष का दावा भी किया उन्होंने कहा की सत्ता पक्ष के विधायकों की अपनी ही सरकार में सुनवाई नहीं हो रही है।
पहाड़ की उपेक्षा: सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर स्थानीय जनता बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आज भी तरस रही है।


उन्होंने आगे कहा की एक छोटे से कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती है, बीकेटीसी के सदस्य सरकार चुनती है तो वहाँ धोखाधड़ी में भी सरकार की ज़िम्मेदारी है, जिस प्रकार राम मंदिर चढ़ावा मामले में पीएमओ अपनी जवाब देही से नहीं बच सकता क्यूँकि ट्रस्ट में नियुक्ति केंद्र सरकार की तरफ़ से हुई थी। चोर को हटा कर डकैतों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, चमोली के पूर्व ज़िलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और विजेंद्र रावत उपस्थित रहे।

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