Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी, वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों को 01 करोड़ 89 लाख रूपये का मुख्यमंत्री ने किया डिजिटल हस्तान्तरण

Uttarakhand


देहरादून (Big News Today) राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘एकल महिला संघर्ष से सशक्तिकरण की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एकल महिलाओं को सम्मानित भी किया। वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों को माह फरवरी के 01 करोड़ 89 लाख रूपये का डिजिटल हस्तान्तरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है, वे हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपने आपको साबित किया है। आज प्रदेश के दुर्गम गांवों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। अपनी कौशल क्षमता के माध्यम से महिलाएं अपने परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मातृशक्ति को सशक्त बनाने में अनेक प्रयास हुए हैं। आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, हमारी नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास आने वाले समय में और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का संपूर्ण लाभ देने के लिए तेजी से कार्य किया है। आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है, वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम सरकार के सशक्त मातृशक्ति, सशक्त राज्य के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। राज्य में विधवा पेंशन में बढ़ोत्तरी की गई है। एकल महिलाएं जिस मजबूती के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, इसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं हैं।

इस अवसर पर विधायक दलीप सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं मातृशक्ति मौजूद थी।