कांठ। सिखों के पांचवे गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारे में धार्मिक अनुष्ठान आयोजन कर शरबत का वितरण किया गया।
गुरुद्वारा कांठ में सिखों के पांचवे गुरु अर्जन देव जी के बलिदान दिवस पर प्रातः काल पाठ किया गया। इसके उपरांत मुख्य ग्रंथी महेंद्र सिंह, बीबी रनजीत कौर, बीबी सतवंत कौर, हनी गांधी आदि श्रद्धालु कीर्तन में भारी संख्या में मौजूदरहे।
गुरुद्वारे के प्रधान सरदार कुलवंत सिंह ने संगत को बताया कि सिखों के पांचवे गुरु ने वर्ष 1604 में सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ का संकलन किया था। उनके पांचवे गुरु को मुगल बादशाह जहांगीर के आदेश पर वर्ष 1606 में शहीद कर दिया गया था। संरक्षक सरदार कृपाल सिंह चड्ढा ने कहा कि पांचवें गुरुदेव अर्जन देव जी ने ही अमृतसर शहर को बसा कर स्वर्ण मंदिर का निर्माण कराया था। देश के प्रति उनके बलिदान को सिख समाज कभी भुला नहीं पाएगा।
पांचवे गुरु के बलिदान दिवस पर गुरुद्वारे के बाहर शीतल शरबत का वितरण किया गया। भीषण गर्मी में शरबत का सेवन कर राहगीरों ने राहत महसूस की। इस मौके पर सरदार मंजीत सिंह, ताजेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, प्रिंस, जस्सू सिंह आदि श्रद्धालुओं ने शरबत वितरण में भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया।



