Consulting Editor: Mohd Faheem ‘Tanha’
दुनिया के प्रमुख कला संग्रहालयों में शामिल सालार जंग संग्रहालय में देश-दुनिया की दुर्लभ कलाकृतियों और ऐतिहासिक वस्तुओं का अनूठा संग्रह
हैदराबाद, 2 सितंबर 2026। (BIG NEWS TODAY): हैदराबाद की ऐतिहासिक पहचान केवल चारमीनार और पुराने शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां मौजूद सालार जंग संग्रहालय देश की समृद्ध कला, संस्कृति और इतिहास का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस स्टडी टूर के दौरान सालार जंग संग्रहालय का भ्रमण किया और यहां संरक्षित दुर्लभ कलाकृतियों, ऐतिहासिक वस्तुओं तथा अभिलेखीय संग्रहों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सालार जंग संग्रहालय भारत के प्रमुख संग्रहालयों में शामिल है। संग्रहालय में भारत के अलावा यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व की कला एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी बड़ी संख्या में कलाकृतियां संरक्षित हैं। यहां पेंटिंग, मूर्तियां, हथियार, फर्नीचर, वस्त्र, पांडुलिपियां, सजावटी वस्तुएं और विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों से जुड़ी दुर्लभ सामग्री देखने को मिलती है।

संग्रहालय की खासियत इसका व्यापक और विविध संग्रह है। अलग-अलग सभ्यताओं और कालखंडों की कला को एक ही परिसर में देखने का अवसर इसे देश के अन्य संग्रहालयों से अलग पहचान देता है। यहां मौजूद वस्तुएं केवल कलात्मक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे अपने दौर के सामाजिक जीवन, संस्कृति, तकनीक और शिल्पकला की भी जानकारी देती हैं।

सालार जंग संग्रहालय का नाम सालार जंग परिवार से जुड़ा है। संग्रहालय की स्थापना सालार जंग तृतीय के निजी संग्रह को संरक्षित और प्रदर्शित करने के उद्देश्य से हुई थी। समय के साथ यह संग्रहालय एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संस्थान के रूप में विकसित हुआ और आज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने संग्रहालय के विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित ऐतिहासिक एवं कलात्मक वस्तुओं को करीब से देखा। इस दौरान पत्रकारों को संग्रहालय में संरक्षित वस्तुओं के ऐतिहासिक महत्व और उनके संरक्षण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी मिली।

हैदराबाद प्रेस स्टडी टूर के सांस्कृतिक पक्ष में सालार जंग संग्रहालय का भ्रमण पत्रकारों के लिए विशेष अनुभव रहा। इससे उन्हें हैदराबाद की ऐतिहासिक विरासत को समझने के साथ-साथ भारतीय और वैश्विक कला एवं संस्कृति के विविध स्वरूपों को करीब से जानने का अवसर मिला।



