देहरादून। (M. Faheem ‘Tanha’): कांग्रेस द्वारा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत घोषित किए गए ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ कार्यक्रमों में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य एवं पूर्व सीएम हरीश रावत को किसी भी जोन की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं दिए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी ने चारों जोन के लिए अलग-अलग प्रभारियों और नेताओं की जिम्मेदारियां तय की हैं, जबकि वरिष्ठ नेता हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को किसी भी जोन अथवा विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में शामिल होने की छूट दी गई है। इसे लेकर कांग्रेस के भीतर ही कुछ हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि हरीश रावत तो सबसे बुजुर्ग ठहरे लेकिन क्या प्रदेश संगठन और नेता प्रतिपक्ष के बीच भी सब कुछ सामान्य है या प्रदेश संगठन उन्हें एक प्रकार से मार्गदर्शक भूमिका तक सीमित करने की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित किया।
प्रीतम सिंह ने आगामी परिवर्तन संकल्प सम्मेलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी से नौजवान परेशान हैं, महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, भ्रष्टाचार व्याप्त है और आम नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कांग्रेस ने पहले चरण में पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को चार जोन में विभाजित किया गया है।
जोन-1 की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सौंपी गई है। उनके साथ विधायक मयूख महर, हरीश धामी और खुशाल सिंह अधिकारी रहेंगे। इस जोन का कार्यक्रम 26 जून से 2 जुलाई तक चलेगा, जिसके अंतर्गत चम्पावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, गंगोलीहाट, बागेश्वर और कपकोट विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
जोन-2 के प्रभारी चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत होंगे। उनके साथ सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सिंह सजवान, विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक जीत राम और मनोज रावत शामिल रहेंगे। यह कार्यक्रम 26 जून से 7 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत यमकेश्वर, कोटद्वार, लैंसडाउन, चौबट्टाखाल, श्रीनगर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, बद्रीनाथ, थराली और कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र शामिल किए गए हैं।
जोन-3 की जिम्मेदारी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह को दी गई है। उनके साथ उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक विक्रम सिंह नेगी रहेंगे। इस जोन का कार्यक्रम 28 जून से 7 जुलाई तक आयोजित होगा, जिसमें पुरोला, यमुनोत्री, गंगोत्री, प्रतापनगर, घनसाली, टिहरी, नरेंद्रनगर, देवप्रयाग और धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
जोन-4 के प्रभारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा होंगे। उनके साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक मनोज तिवारी, मदन बिष्ट और सुमित हृदयेश शामिल रहेंगे। यह कार्यक्रम 29 जून से 9 जुलाई तक चलेगा। इसके अंतर्गत हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी, भीमताल, नैनीताल, रामनगर, जागेश्वर, अल्मोड़ा, सोमेश्वर, द्वाराहाट, रानीखेत और सल्ट विधानसभा क्षेत्र शामिल किए गए हैं।
प्रीतम सिंह ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन, जनसभा, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद तथा धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चुनाव कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेता हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपनी सुविधा एवं इच्छानुसार किसी भी जोन अथवा विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और प्रदेश के संसाधनों पर ऐसे लोगों का कब्जा है जो भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि खनन पट्टे और क्रशर उन्हीं लोगों के पास हैं जो भाजपा का समर्थन करते हैं, जबकि समर्थन न करने वालों के पट्टे छीने जा रहे हैं। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जिन छोटी मछलियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, उन्हें आगे आकर बड़ी मछलियों के नाम उजागर करने चाहिए।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, सुनीत राठौड़ सहित अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल कार्यक्रम पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि भविष्य में मैदानी क्षेत्रों के लिए भी अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, विकासनगर सहित अन्य विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे।



