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सेवानिवृत्त रमेश चंद्र पाण्डे की पेंशन ग्रेच्युटी का मामला लटका , सीएम पोर्टल भी पड़ा है सुस्त

Uttarakhand


देहरादून- ( Big News Today)

सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद भी 07 माह पूर्व 31 दिसम्बर को सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त रमेश चंद्र पाण्डे की पेंशन ग्रेच्युटी का मामला लटका पड़ा है ।
लम्बे इन्तजार के बाद भी पेंशन स्वीकृत नहीं होने पर आखिरकार पाण्डे ने 25 जून को सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की ।



पाण्डे के अनुसार सीएम पोर्टल पर उनकी शिकायत क्रमांक 332606 पर पंजीकृत हैं । शिकायत की स्थिति (स्टेटस)देखने पर पता चला कि निराकरण अधिकारी द्वारा कार्यवाही नहीं करने के कारण 22 जुलाई को शिकायत एल-2 अधिकारी को तथा 1अगस्त को एल-3 अधिकारी को परिवर्तित की गई । तब से हर रोज शिकायत की स्थिति देखने के लिए पोर्टल देखते हैं और निराश होकर रह जाते हैं ।

अब पाण्डे ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि मुख्य कोषाधिकारी अल्मोड़ा द्वारा 4अगस्त को चौथी बार पेंशन प्रकरण आपत्ति के साथ लौटाया गया है । आपत्ति में कहा गया है कि शासनादेश 65 दिनांक 9 मार्च 2019 के अनुसार प्रकरण तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा जाय । जिला लेखा परीक्षा अधिकारी अल्मोड़ा ने इसके जवाब में मुख्य कोषाधिकारी को पत्र भेजकर दो टूक शब्दों में कहा है कि एसीपी से सम्बंधित यह शासनादेश पाण्डे के पेंशन प्रकरण को प्रभावित नहीं करता है और उनके कार्यालय से सेवानिवृत्त सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी पाण्डे व प्रकाश जोशी का पेंशन प्रकरण सही है । दोनों के प्रकरणों में पूर्व में लगी आपत्ति का परिपालन पटल प्रभारी को दिखाकर ही किया गया है ।

आडिट आफिस व कोषागार के बीच पेंशन प्रकरण को लेकर जारी कागजी घुड़दौड़ से खिन्न पाण्डे ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से बेवजह लटकाए गये इस मामले में जवाबदेही तय कराते हुए तत्काल पेंशन/ग्रेच्युटी का भुगतान कराने की मांग की है ।

सेवानिवृत्त सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पाण्डे ने इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजकीय सेवा में रहते उत्तराखंड आन्दोलन के दरम्यान राज्य प्राप्ति के लिए मुजफ्फरनगर काण्ड में मौत से रुबरु होते समय उन्होंने यह सोचा भी नहीं था कि अपना राज्य बनने के बाद जब वे रिटायर होंगे तो उन्हें अपनी पेंशन /ग्रेच्युटी के लिए अधिकारियों के ऐसे रवैये से भी दो चार होना पड़ेगा ।