Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

विश्वविद्यालयों में शुरू होगी ‘विकसित भारत @2047’ मुहिमः डाॅ. धन सिंह रावत
 

Dehradun Uttarakhand






प्रत्येक विश्वविद्यालय में अलग-अलग थीम पर आयोजित होंगे 5-5 सेमिनार
 देहरादून। प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में ‘विकसित भारत@2047’ मुहिम चलाई जायेगी। इस अभियान के तहत सभी विश्वविद्यालयों में अलग-अलग थीम पर 5-5 सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा। जिनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, राज्य के मंत्रीगण, स्थानीय सांसद, विधायक व पद्म पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्ति प्रतिभाग करेंगे। इन सेमिनारों के सफल आयोजन को विभागीय अधिकारियों को ठोस निर्देश दे दिये गये हैं।


सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि विकसित भारत में युवाओं की भागीदारी खासी अहम है। इस बात को ध्यान में रखते हुये प्रदेशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों विशेषकर विश्वविद्यालयों में युवाओं को जोड़ने के लिय आगामी शैक्षणिक सत्र से ‘विकसित भारत@2047’ मुहिम शुरू की जायेगी। जिसके तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय में पृथक-पृथक विषयों पर 5-5 सेमिनार आयोजित किये जायेंगे। विश्वद्यिालयों में अयोजित अलग-अलग सेमिनारों में कुलाधिपति, मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा इन कार्यशालाओं में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों व स्थानीय विधायकों की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।


डॉ. रावत ने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के तहत विभिन्न विषयों पर आयोजित कार्यशालाओं में संवाद एवं विचार-विमर्श सत्र आयोजित किये जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय परिसरों में सेल्फी प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे, साथ ही हाफ मैराथन, साइकिल रैली, लघु फिल्म प्रतियोगिता, सोशल मीडिया अभियान एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।


विभागीय मंत्री ने कहा कि अभियान को जनांदोलन का स्वरूप देने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया जाएगा तथा उनसे यह भी सुझाव लिए जाएंगे कि वर्ष 2047 तक वे भारत को किस स्वरूप में विकसित देखना चाहते हैं। विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों व छात्र-छात्राओं से प्राप्त सुझावों को संकलित कर भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा।

विभागीय मंत्री ने कहा कि कहा कि इस मुहिम को सार्थक बनाने के लिये विभागीय अधिकारियों व विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र-छात्राओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सोच, ऊर्जा और नवाचार को प्रभावी मंच मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *