देहरादून, 08 अक्टूबर 2026। देहरादून जिले में बढ़ते अपराध, महिला सुरक्षा, नशाखोरी, साइबर ठगी, स्ट्रीट क्राइम और यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाने की मांग की।
लालचन्द शर्मा ने कहा कि देहरादून में महिला सुरक्षा से लेकर नशाखोरी, स्ट्रीट क्राइम और साइबर अपराध तक कई गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं। पुलिस प्रशासन को इन मामलों में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाई जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि डीएवी, डीबीएस, ग्राफिक एरा, यूपीईएस सहित प्रमुख कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और छात्रावासों के आसपास मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। महिला चीता पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित करने के साथ संवेदनशील एवं बाजार क्षेत्रों में सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।
नशाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए। केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई के बजाय मुख्य तस्करों और नशे के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा इसके साथ जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने रात्रि गश्त बढ़ाने और हुड़दंग पर रोक लगाने की मांग की। पब, क्लबों और शराब की दुकानों एवं कैंटीनों के बाहर देर रात होने वाले हुड़दंग, ओवर-स्पीडिंग और स्टंट बाइकिंग पर सख्त कार्रवाई तथा देर रात तक बजने वाले डीजे और लाउडस्पीकर पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी निवेश और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा ठगी की रकम को समय रहते फ्रीज कराने के लिए बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की मांग भी की गई।
स्ट्रीट क्राइम पर रोक के लिए आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील मार्गों पर सरप्राइज पिकेट्स लगाने तथा किराएदारों, घरेलू सहायकों, ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों और बाहरी श्रमिकों के सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी करने की मांग की गई।
पूर्व विधायक राजकुमार ने गांधी रोड पर लगने वाले अवैध संडे मार्केट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार को सड़क पर अवैध रूप से बाजार लगने के कारण क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बाजार में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के आने से भी क्षेत्र की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक सड़कों और प्रमुख मार्गों पर अवैध रूप से बाजार न लगाए जाएं। गांधी रोड पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ ही ऐसे बाजारों में आने वाले लोगों और दुकानदारों की उचित जांच एवं सत्यापन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए तथा इस मामले में प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
यातायात व्यवस्था को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने राजपुर रोड, रिस्पना पुल और निरंजनपुर मंडी सहित प्रमुख चौराहों से अवैध पार्किंग हटाने, नो-पार्किंग जोन को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने तथा स्कूली छुट्टी के समय पेट्रोल-डीजल टैंकर, पानी के टैंकर आदि भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 29 सितम्बर 2026 को हुए छात्रसंघ चुनावों, विशेषकर डी.ए.वी. (पी.जी.) महाविद्यालय में चुनाव प्रक्रिया एवं मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले NSUI कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा भी SSP के समक्ष उठाया।
लालचन्द शर्मा ने कहा कि छात्रों को अपनी शिकायत और असहमति लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करने का अधिकार है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि घटनाओं एवं दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और शांतिपूर्ण विरोध करने वाले NSUI कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। निराधार पाए जाने वाले मुकदमों को वापस लेने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन पुलिस अधिकारियों अथवा कर्मचारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जाए तथा पुलिस प्रशासन किसी भी राजनीतिक अथवा बाहरी दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे।
लालचन्द शर्मा ने कहा कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, महिला एवं छात्र सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना पुलिस-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने SSP से मांग की कि इन सभी विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सात दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि देहरादून में आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश प्रवक्ता दीप वोहरा, राजीव पुंज, राजेश शर्मा पार्षद अर्जुन सोनकर, पार्षद वीरेंद्र बिष्ट, आशु रतूड़ी, पार्षद सुमनद्र बोरा, पार्षद रमेश कुमार मंगू, विपुल नौटियाल, सुरेश चंद, सोमप्रकाश वाल्मीकि, इसरार अहमद, देवेंद्र पाल सिंह, बाबू सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




