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आखिर कौन है कांग्रेस भवन में हंगामे का जिम्मेदार, वरिष्ठ कांग्रेसी जितेन्द्र चौहान ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का लगाया आरोप

Dehradun Delhi Uttarakhand


देहरादून BIG NEWS TODAY I वरिष्ठ कांग्रेसी जितेंद्र चौहान उर्फ जित्ती भाई ने आरोप लगाया है कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है I खुद को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए जितेंद्र चौहान ने कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता करते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया। इस प्रेस वार्ता और आरोप को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय भवन में काफी देर तक हंगामा हुआ।  

चौहान ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए उन्होंने लंबी सेवाएं दी और आरोप लगाया कि उनकी पहचान मिटाई जा रही है। कांग्रेस पार्टी में उनके योगदान का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। जबकि वे 1970 के दशक से सक्रिय कांग्रेसी रहे हैं |  जितेंद्र चौहान ने कहा कि कि आज जनता के बीच से कांग्रेस का भरोसा उठता जा रहा है। क्योंकि कांग्रेसी जनता के बीच नहीं जाते और  लोगों के सुख दुख में शामिल नहीं होते। इस वजह से कांग्रेस दिनोंदिन रसातल में जा रही है।  

प्रेस वार्ता को लेकर कांग्रेसियों में नोकझोंक-हंगामा: प्रेस वार्ता के दौरान जितेंद्र उर्फ जित्ती भाई से कुछ कांग्रेसियों की नोक झोक हुई और हंगामा हुआ, उन्हें प्रेस वार्ता करने से भी रोकने की कोशिश की गई। वरिष्ठ कांग्रेसी जित्ती भाई को पीसी करने और बोलने से रोका गया। इससे नाराज जित्ती भाई ने कहा कि स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी की आत्मा कांग्रेस भवन में आज भी घूम रही है, लेकिन कांग्रेस मुख्यालय में उनकी फोटो यहां कही नहीं दिखती। जित्ती ने आरोप लगाया कि महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी व प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने कमरा बंद करके उनके साथ अभद्रता की और पार्टी नेताओं के फोटो वाला बैनर भी फाड़ दिया। उन्होंने अपना अपमान की बात कहते हुए केंद्रीय नेतृत्व के सामने मामले उठाने की बात कही और कहा कि एक आंदोलनकारी का कांग्रेस भवन में पदाधिकारियों द्वारा अपमान किया गया है।

प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने आरोप नकारे: प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने कहा कि जितेंद्र चौहान के साथ कोई अभद्रता किसी ने भी नहीं की है। उऩसे केवल प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारियों के स्थान पर बैठकर प्रेस वार्ता करने के बारे में पूछा गया था कि किसकी अनुमति पर और किस विषय पर बोल रहे हो। क्योंकि पार्टी के खिलाफ ही बोल रहे थे। साथ ही नवीन जोशी ने कहा कि पार्टी में वर्तमान में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कांग्रेस प्रकोष्ठ अध्यक्ष का कोई पद एक्टिव नहीं है। 

आखिर कौन है जिम्मेदार? : आपको याद दिला दें कि कुछ दिन पहले भी कांग्रेस भवन के मुख्य कांफ्रेंस हाल में एक कांग्रेसी द्वारा प्रेस वार्ता करके कांग्रेसी नेता पर ही सवाल खड़ा करने का मामला सुर्खियों में रहा। प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ लिया था। सवाल है कि आखिर कांग्रेस भवन में कांग्रेसियों द्वारा ही अनुशासनहीनता के ये मामले सामने आ रहे हैं तो फिर कोई एक्शन क्यों नहीं हो रहा है। क्या प्रदेश नेतृत्व जानबूझकर आँखे बंद किए हुए है या फिर संगठन इस हद तक कमजोर हो रहा है कि पार्टी मुख्यालय तक में कार्यकर्ता मनमर्जी करने लगे हैं।