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उत्तराखंड: शाह ने सीएम धामी का प्रस्ताव माना तो दून से टिहरी झील तक पहुंच जाएंगे 45 मिनट में पड़े पूरी खबर

Uttarakhand


फ़ाइल फ़ोटो- ग्रह मंत्री अमित शाह से मिलते सीएम धामी

Big news today Desk

मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से देहरादून से टिहरी के बीच डबल लेन टनल बनाने का अनुरोध किया है। इसके निर्माण से दून से टिहरी झील की दूरी 105 किमी से घट कर 35 किमी रह जाएगी।

यानी 3.30 घंटे का सफर 45 से 60 मिनट में पूरा हो सकेगा। राजपुर से प्रस्तावित टनल के निर्माण पर 8750 करोड़ खर्च का अनुमान है। बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज बुधवार को दिल्ली दौरे का दूसरा दिन है। 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सामरिक महत्व को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन ब्रॉडगेज (बीजी) की स्वीकृति के लिये रक्षा मंत्रालय के स्तर से भी संस्तुति करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए एमओयू में संशोधन करते हुए केंद्रीय सहायता का भी अनुरोध किया। 

लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिए जल्द मिलेगी 4673 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में  केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भी शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्रदान करवाने और किसाऊ परियोजना का संशोधित एमओयू किए जाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए भारत सरकार से जल्द वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी। किसाऊ परियोजना पर संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने किसाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू के लिये भी आश्वस्त किया है। यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में जल जीवन मिशन की जल्द ही संयुक्त समीक्षा करेंगे। 

गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की तकनीकी स्वीकृति दिनांक 03 जनवरी, 2013 तथा निवेश स्वीकृति 2016 में निर्गत की गयी थी। भारत सरकार द्वारा निर्गत निवेश स्वीकृति के अन्तर्गत परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5747.17 करोड़ में से जल घटक रुपये 4673.01 करोड का वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा 90:10 के अनुपात में किया जाना है। शेष 1074.00 करोड़ रुपये जो कि ऊर्जा घटक है का वित्त पोषण उत्तराखंड सरकार द्वारा किया जाएगा।