Big News Today
देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व आईएएस डीके कोटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्य सचिव को भेजे अपने हस्तलिखित इस्तीफे में कोटिया ने कोई कारण नहीं लिखा है। सिर्फ इतना लिखा है कि वे आज से इस्तीफा दे रहे हैं। डीके कोटिया ने आय़ुष्मान योजना के लागू होने के समय वर्ष 2018 में प्राधिकरण के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला था। इसी वर्ष दिसंबर में उऩके पांच वर्ष के कार्यकाल का समय समाप्त हो रहा था।
मेरे इस्तीफे के पीछे कोई स्पेसिफिक कारण नहीं:कोटिया
इस्तीफे का कारण पूछे जाने पर डीके कोटिया ने Big News Today से कहा कि "मेरा कार्यकाल 5-6 महीनों में समाप्त ही होने वाला था तो सोच ही रहा था इस्तीफा देने की। पद से इस्तीफा देने के पीछे कोई स्पेसिफिक कारण नहीं है। सरकार की आयुष्मान योजना अच्छी चल रही है इस प्रकार की योजनाओं से जनता को लाभ होता है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में लंबे समय से काम कर रहा था, इसलिए सोचा काफी दिन हो गए हैं काम करते हुए अब मुझे इस्तीफा देना चाहिए।"
वरिष्ठ आईएएस अफसर रहे डीके कोटिया के समय से पहले ही इस्तीफा देने को लेकर कयासबाजी लगाई जा रही है। हालांकि कोटिया का करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल आयुष्मान योजना में प्रभावशाली माना जाता है। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले कई अस्पतालों में कोटिया का हंटर भी चला है। ईमानदार और कड़क छवि वाले आईएएस अफसर रहे डीके कोटिया विधानसभा में हुई बैकडोर भर्तियों की जांच कमेटी के भी अध्यक्ष रहे हैं जिनकी रिपोर्ट के बाद पिछले वर्ष कर्मचारियों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया था।


