कांठ। डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील कांठ के अधिवक्ताओं द्वारा लगातार चौथे दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय का बहिष्कार एवं प्रदर्शन करते हुए कार्यालय पर तालेबंदी की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के कारण आम जनता, किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि तकनीकि समस्याओं और जटिल प्रक्रियाओं के चलते लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में बार एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा आगे की कार्ययोजना की घोषणा की जाएगी।
अधिवक्ताओं ने सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं का समाधान करने तथा आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।अधिवक्ताओं ने सरकार से डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं का समाधान करने तथा आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। इसके उपरांत एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा एवं महासचिव दीपक बिश्नोई एडवोकेट की अगुवाई में अधिवक्ता गण आदि सभी लोग तहसील परिसर पहुंचे और रजिस्ट्री कार्यालय पर तालेबंदी की।
अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक डिजिटल रजिस्ट्री का प्रस्ताव वापस नहीं होगा रजिस्ट्री कार्यालय में ताला ही लगा रहेगा। इस मौके पर मोहम्मद अय्यूब , डॉ विनीत नैन, संजीव बिश्नोई, मोहम्मद शहजाद रफी, यशवीर सिंह, वैभव बिश्नोई, भू प्रकाश सिंह शीशराम सिंह दीप सिंह अधिवक्ताओं के अलावा स्टांप विक्रेता, टाइपिस्ट आदि सभी भारी संख्या में मौजूद रहे।



