देहरादूनI (Big News Today): स्वस्थ एवं विकसित भारत 2047 के निर्माण में फार्मेसी विद्यार्थियों की भूमिका” विषय पर व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ किया गया है।
Pharma Vision द्वारा Himalayan Institute of Pharmacy and Research में “स्वस्थ एवं विकसित भारत 2047 के निर्माण में फार्मेसी विद्यार्थियों की भूमिका” विषय पर व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर संस्था में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य फार्मेसी विद्यार्थियों को राष्ट्र पुनर्निर्माण, स्वास्थ्य जागरूकता, अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान Pharma Vision द्वारा अपने आधिकारिक पोस्टर का भी विमोचन किया गया। पोस्टर विमोचन के साथ संस्था के आगामी शैक्षणिक एवं शोध आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे फार्मेसी शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में Pharma Vision के प्रांत प्रमुख राहुल सिंह ने संगठन की स्थापना, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Pharma Vision का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी विद्यार्थियों को आधुनिक शोध, नवाचार एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना है ताकि वे भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकें।
उन्होंने आगे बताया कि आने वाले समय में विभिन्न वर्कशॉप, रिसर्च आधारित लेक्चर, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम तथा फार्मास्युटिकल रिसर्च एवं इनोवेशन से संबंधित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार ने “स्वस्थ एवं विकसित भारत 2047 के निर्माण में फार्मेसी विद्यार्थियों की भूमिका” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और फार्मेसी विद्यार्थी इसमें अग्रणी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं के सुरक्षित उपयोग, जनस्वास्थ्य जागरूकता, नई दवाओं के अनुसंधान तथा डिजिटल हेल्थकेयर के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी देश को नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रान्त संगठन मंत्री अभाविप अंकित सुंद्रियाल ने राष्ट्र पुनर्निर्माण में फार्मेसी विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा फार्मासिस्ट समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता पहुंचाने तथा नई तकनीकों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फार्मेसी विद्यार्थी केवल दवा निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रमुख भागीदार हैं।
कार्यक्रम में संस्थान की फैकल्टी सदस्य शिवानी कालरा, सलोनी जसवाल, विश्वदीपक एवं रजत सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु स्वास्थ्य एवं फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।


