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उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ की आज सम्पन्न ऑनलाइन बैठक हुयी जिसमें ये निर्णय लिया गया देखिए

Uttarakhand


Big News Today Team

देहारादून – उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ की आज सम्पन्न आन लाइन बैठक में कार्मिकों के पदोन्नति व ए0सी0पी0 के मामलों को जबरन लटकाए जाने पर रोष व्यक्त किया गया । पदोन्नति में स्थानांतरण एक्ट का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए वर्ष 2018 के बाद पदोन्नत सभी अधिकारियों को तैनाती दिये जाने की मांग की गई । सर्वसम्मति से उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के गठन का पूर्ण समर्थन करते हुए महासंघ के कार्यक्रमों में सहभागिता करने का निर्णय लिया गया ।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑडिट विभाग में कार्मिकों के पदोन्नति के मामलों में आला अधिकारियों के उपेक्षापूर्ण एवं ढुलमुल रवैये के कारण बीते पाँच सालों में दर्जनों कार्मिक पद रिक्त होने के बाद भी वगैर पदोन्नति के रिटायर हो गए और शीघ्र ही रिटायर होने वाले कार्मिकों में पदोन्नति मिलने की जो आस बची थी उस पर भी निदेशालय ने तुषारापात कर दिया है । एकीकरण नियमावली 2019 के तहत अधिकारी संवर्ग की ज्येष्ठता सूची फरवरी 20 से शासन स्तर पर विचाराधीन है जिससे पूरे संवर्ग में पदोन्नति की प्रक्रिया अवरुद्ध है । चयन वर्ष 2021-22 में रिक्त लेखा परीक्षा अधिकारी के 4 पदों पर वन टाइम पदोन्नति के लाभ से वंचित चार कार्मिकों को पदोन्नति दिये जाने की मांग पर अभी तक कोई निर्णय नहीं होने पर नाराजगी जताई ।
संघ के अध्यक्ष रमेश चन्द्र पाण्डे ने कहा कि विभाग में व्यवस्था से जुड़े सारे कायदे क़ानूनों को ताक में रख दिया है । कहा कि जनवरी 21 में लेखा परीक्षा अधिकारी के 15 पदों के सापेक्ष हुए 14 अधिकारियों के प्रमोशन में पदोन्नति के मूल आधार ज्येष्ठता सूची को ही दरकिनार करते हुए तीन अधिकारियों को वरिष्ठ होने के बाद भी प्रमोशन से वंचित कर दिया गया । आरोप लगाया गया कि फरवरी 20 में लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर बलवीर सिंह की पदोन्नति हुई थी लेकिन 10 माह बाद यह आदेश उन्हें तब मिला जब उनके द्वारा RTI लगाई । दस माह तक इस आदेश को दबाने के मामले में निदेशालय द्वारा 4 लिपिक वर्गीय कार्मिकों को निलंबित करने के बाद बहाल भी कर दिया लेकिन इस गंभीर मामले में दोषी असली चेहरे अब तक सामने नहीं आए । इस प्रकरण से साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि विभाग पदोन्नति के मामलों में कितना संवेदनशील रहा है ।


कहा गया कि जनपद अल्मोड़ा ,वागेश्वर, पिथौरागड़, चंपावत, हरिद्वार,टिहरी, उत्तरकाशी, व रुद्रप्रयाग में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के रिक्त पद का अतिरिक्त चार्ज अन्य जनपद के अधिकारियों को दिया गया है लेकिन पदोन्नति के बाद भी अधिकारियों को तैनाती नहीं दी गई है ।
संघ के अध्यक्ष रमेश चन्द्र पांडे की अध्यक्षता तथा मासचिव देवेंद्र सिंह चौहान के संचालन में हुई बैठक डा0 तरुण पांडे, किशन सिंह बिष्ट , बिरेन्द्र नबियाल, राकेश साह, महेंद्र सिंह रावत, राम चन्द्र प्रसाद , दान सिंह कन्याल ,भूपेन्द्र सिंह बिष्ट ,हेम त्रिपाठी , प्रकाश जोशी, मनीष चौहान, पवन कुमार पांडे,अमित जुयाल, उपस्थित थे ।