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डेंगू दिवस पर गोष्ठी का आयोजन, बताए रोकथाम के उपाय

Dehradun Uttarakhand






डेंगू रोकथाम को अभियान शुरू
15 जून तक चलेगा डेंगू रोकथाम माह, डेंगू से बचाव को होंगी विभिन्न गतिविधियां
रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में डेंगू रोग की रोकथाम व नियंत्रण के दृष्टिगत डेंगू रोकथाम माह शुरू हो गया है। जिसके तहत विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में आयोजित गोष्ठियों में डेंगू रोकथाम हेतु जरूरी ऐहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश ने कहा कि हर वर्ष 16 मई का दिन राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि डेंगू रोग का संचरण काल प्रमुखतः माह जुलाई से माह नवंबर तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग आमजन को डेंगू से सुरक्षित रख सके इसके दृष्टिगत डेंगू रोकथाम व नियंत्रण हेतु 16 मई से 15 जून तक डेंगू रोकथाम माह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू रोकथाम का सबसे अच्छा उपाय यह है कि डेंगू रोग फैलाने वाले मच्छर के लार्वा पनपने की संभावनाओं को नष्ट किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि लार्वा निरोधात्मक कार्यवाही (सोर्स रिडक्शन), चिन्हित स्थलों पर फागिंग, डेंगू से बचने के लिए जरूरी व्यवहार अपनाने को लेकर जागरूकता गतिविधियां की जाएं।

उन्होंने कहा कि डेंगू रोधी माह के अंतर्गत आशा कार्यकत्री प्रत्येक दिन 10 से 15 घरों में भ्रमण कर डेंगू रोग के कारण, बचाव व उपाय के बारे में जानकारी दें व डेंगू लार्वा निरोधक कार्यवाही करें। एपिडेमियोलॉजिस्ट डाॅ. शाकिब ने कहा कि आकस्मात तेज सिर दर्द, बुखार होना, मांसपेशियों तथा जोड़ो में दर्द होना, शरीर में लाल चकते आना इसके लक्षण हैं।

उन्होंने डेंगू का लक्षण होने पर उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है। वहीं, स्वास्थ्य उपकेंद्र खांखरा, कांडई बच्छणस्यूं, बाढब, चोपड़ा, मचकंडी, घेंघडखाल, सौंराखाल, भीरी आदि स्थानों पर आयोजित जागरूकता गोष्ठियों में एएनएम  व सीएचओ द्वारा बताया कि रूके हुए पानी में डेंगू का मच्छर पनपने की आशंका बनी रही है, लिहाजा डेंगू से बचने के घरों के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, उन्होने जल भंडारण की वस्तुओं को ढक कर रखने, कूलर, फूलदान, टंकी आदि ऐसी चीजें जहां पानी एकत्र हो सकता है वहां पानी एकत्र  न होने देंने व इन स्थानों पर सप्ताह में एक बार सफाई करने पर जोर दिया। कहा कि डेंगू के मच्छर से बचाव हेतु पूरी बांहों वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी, मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे आदि का प्रयोग  करना चाहिए।

गोष्ठियों में डीएसओ डाॅ. कुणाल चौधरी, वरिष्ठ सहायक नरेंद्र सिंह रावत, डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, डीसीएम आशा हेमलता गैरोला, आरबीएसके मैनेजर सुमन जुगराण, काउंसलर आरकेएसके विपिन सेमवाल, शोसल वर्कर एनटीसीपी दिगपाल कंडारी, डीपीसी मुकेश बगवाड़ी, एमएनओ नागेश्वर बगवाड़ी, डीईओ कलम सिंह, सतीश नौटियाल, अनुपमम रावत आदि मौजूद रहे।

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