देहरादून (M. Faheem ‘Tanha’): उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र की समृद्ध जैविक विरासत को नई पहचान देते हुए LSM पिथौरागढ़ कैंपस के छात्र मानस सिंह ने अपनी स्टार्टअप पहल ‘नेटल टी’ का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है। यह पहल देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप के अंतर्गत विकसित की गई है।
मानस सिंह, जो DUY के तहत उद्यमिता का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ने हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली बिच्छू घास (नेटल) को एक पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में प्रस्तुत किया है। ‘नेटल टी’ पारंपरिक हिमालयी ज्ञान और आधुनिक उद्यमिता का उत्कृष्ट संगम है, जो उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर को नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस स्टार्टअप की विशेषता इसकी जमीनी सोच में निहित है। उच्च गुणवत्ता वाली नेटल पत्तियों की सोर्सिंग सीधे हिमालयी क्षेत्रों से की जा रही है, जिससे उत्पाद की शुद्धता एवं पोषण मूल्य सुनिश्चित होता है। यह पहल DUY सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से संचालित हो रही है, जो युवा उद्यमियों को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करता है।
‘नेटल टी’ का उद्देश्य केवल एक हेल्थ ड्रिंक के रूप में बाजार में अपनी पहचान बनाना नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना, सतत कृषि को बढ़ावा देना एवं क्षेत्रीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाना भी है।
मानस कहते हैं कि बिच्छू घास यानी एक पौष्टिकता वाले गुणों से भरा पहाड़ी पौधा है I इसकी उसी न्यूट्रिशन वाले गुण को देखते हुए इसे चाय के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयोग किया है I जोकि इस पहाड़ी पौधे को एक नए रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास है I इसको लेकर लोगों में काफी उत्सुकता भी देखने को मिल रही है I
मानस सिंह की यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि उचित मार्गदर्शन एवं संसाधनों के साथ उत्तराखंड के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकते हैं। यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा देवभूमि उद्यमिता योजना की प्रभावशीलता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।


