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एक्‍सप्रेसवे : इमरजेंसी की स्थिति में अपनी जिम्‍मेदारी खुद उठाओ

Dehradun Uttarakhand






देहरादून। दिल्‍ली से देहरादून के बीच बने एक्‍सप्रेसवे पर वाहन फर्राटा भरने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत 14 अप्रैल को उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून मे भव्‍य कार्यक्रम के दौरान इसका उद्घाटन किया था। 213 किलोमीटर की दूरी ढाई घंटे में तय करने का दावा किया जा रहा है। इस एक्‍सप्रेस से यात्री छह घंटे के सफर को कम समय में भले पूरा कर ले रहे हैं पर इमरजेंसी की स्थिति में उनको अपनी जिम्‍मेदारी खुद उठानी पड़ेगी। सफर के दौरान रास्‍ते में कोई दिक्‍कत आ जाए तो उनको एनएचएआई की हेल्‍पलाइन नंबर 1033 या एसओएस सिस्‍टम से कोई मदद फिलहाल नहीं मिल पाएगी।


सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस समस्‍या का जिक्र किया है। एक व्यक्ति द्वारा बताया गया कि उनकी गाड़ी रास्‍ते में खराब हो गई। उन्‍होंने एनएचएआई के हेल्‍पलाइन नंबर पर फोन कर मदद की गुहार लगाई है। फोन उठाने वाले शख्‍स ने उनसे पुलिस नंबर 112 पर कॉल करने को कहा।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागपत से शामली तक एक्‍सप्रेसवे में हर किलोमीटर पर एसओएस फोनबूथ लगाए गए हैं ताकि इमरजेंसी की स्थिति में यात्री मदद मांग सके। ताजा स्थिति ये है कि इनमें से एक भी बूथ अभी तक एक्टिव नहीं हो पाया है। कई जगह कनेक्‍शन और अन्‍य जरूरी सेटअप का काम बाकी है।

जब तक पूरा काम नहीं हो जाता, ये एसओएस बूथ यात्रियों के किसी काम के नहीं हैं। इन सबके अलावा, पूरे एक्‍सप्रेसवे पर अभी यात्रियों के लिए रेस्‍ट एरिया की सुविधा नहीं है। एनएचएआई ने दिल्‍ली से देहरादून के बीच 12 रेस्‍ट एरिया बनाए हैं, लेकिन इनमें अभी एक भी पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी काम चल रहा है। रेस्‍ट एरिया शुरू होने में दो महीने का समय लग सकता है।

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