इण्डिया गठबंधन ने मालिकानाहक के लिए सरकार को दिया 30 अप्रैल तक का समय

Uttarakhand


देहरादून । आज इण्डिया गठबंधन ने गांधी पार्क में धरना दिया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार को 30 अप्रैल तक का समय दिया और कहा कि यदि सरकार समाधान निकालने मे असफल होती है तो 01 मई मजदूर दिवस पर सीधी कार्यवाही करने का आन्दोलन तेज किया जायेगा। उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्रीमण्ड़ल द्वारा 26 दिसम्बर 2016 को लिये गये निर्णय जिसे 26 दिसम्बर अधिसूचित किया गया, उसमें समाहित सभी 10 बिन्दुओं के लाभार्थियों को तत्कालिक मंत्रीमण्ड़ल की भावनानुरुप भूमिधरी अधिकार दिए जाने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध मे कई बार जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है अब कांग्रेस सहित तमाम इण्डिया गठबंधन के साथी सरकार को बाध्य करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष को तेज करेंगे।
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता ड़ा एसएन सचान ने कहा कि वे मानते है कि कल्याणकारी राज्य की स्थापना वंचित लोगों की रक्षा के गई है परन्तु राज्य सरकार पूंजी पतियों के हितों के लिए काम कर रही है। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड़ समर भण्ड़ारी ने कहा कि सरकार कारपोरेट जगत के लिए तमाम भूमि बटोर कर उन्हे देना चाहती है।
भाकपा माले के राज्य सचिव कामरेड़ इन्द्रेश मैखूरी ने कहा कि बिन्दुखत्ता व बापू ग्राम मे अदालत आदेषों की गहत वयाख्या कर जनता को आतंकित कर उनकी भूमि हडपना चाह रही है। माकपा के राज्य सचिव मड़ल सदस्य कामरेड़ सुरेन्द्र सजवाण ने कहा कि चाहे एलिवेटेड़ रोड़ के नाम पर मलिन बस्तियों को जबरन विस्थापित कर उन्हे भूमिहीन किया जा रहा है।
ज्ञापन को कामरेड़ इन्द्रेश मैखूरी ने पढ़कर सुनाया जिसमे कहा गया कि बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चौव्वन सहित समस्त खत्तों, गोठों, गुलरानी टौंगिया, गावों सहित इन्दिराग्रामों, गांधीग्रामों व हरिग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए। टिहरी ड़ैम विस्थापितों व वनों से विस्थापित वन गुज्जरों को आवंटित भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जाए। अनुसूचित जातियों व जनजातियों को ऐसे कब्जेदारों जो छोटे-छोटे ग्राम समाज या सरकारी भूमि पर बसे हुए है उन्हें नियमित किया जाए। सीमान्त ट्रायवल गांव गुंजी के ऐसे कब्जेदारों जो पीढियों से सरकारी भूमि पर बसे हुए उन्हे उस का भूमि का मालिकाना हक दिया जाए। राज्य की मलिन बस्तियों मे बसे हुए लोगों को राज्य की विधानसभा द्वारा पारित 2016 के कानून के अनुसार मालिकाना हक दिया जाए। राज्य मे विषेषतः उद्यमसिंहनगर मे सीलिंग से प्राप्त भूमि वच हिन्दुस्तान पेपर पल्स से ली गई भूमि का लैंड बैंक तैयार कर उसमे राज्य के आपदा ग्रस्त ग्राम वासियों को वरिष्ठतानुसार बसाया जाए।
इस अवसर पर इण्डिया गठबंधन से ड़ा एसएन सचान, पूर्व मंत्री शूरवीर सजवाण, सुरेन्द्र सजवाण, समर भण्ड़ारी, इंद्रेश मैखूरी, जगदीश कुकरेती, एसएस जरवार, जगमोहन मेहन्दीरत्ता, राजेन्द्र सिंह नेगी, ड़ीड़ी डंगवाल, हेमा बोरा, अतुल शर्मा, संजय शर्मा, अरविन्द आर्य, बिन्दुखत्ता लालकुऑ से कुदन सिंह, गिरधर बम, जयेन्द्र रमोला, नंदन, हेमवती नंद दुर्गपाल, दिनेश चन्द मास्टर जी, विरेन्द्र पोखरियाल, शंकर गोपाल, प्रवीण त्यागी, नीनू सहगल, सुमित्रा ध्यानी, नजमा खान, अनुराधा तिवारी, सुरेन्द्र सिंह नेगी, चन्द्रकला नेगी, ओमप्रकाष सत्ती बब्बन, विषाल ड़ोभाल, टीका राम पाण्ड़े, राजकुमार जयसवाल सहित सैकड़ो लोग बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चौव्वन सहित समस्त खत्तों, गोठों, गुलरानी टौंगिया, गावों सहित इन्दिराग्रामों, गांधीग्रामों, हरिग्रामों व देहरादून मलिन बस्तियों से भी हाथो मे तखतियॉ लेकर शामिल हुए।

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