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इच्छाशक्ति को निरंतर कर्म से जोड़ना ही सफलता की कुंजी : राज्यपाल

Uttarakhand


देहरादून । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को ओएसिस स्कूल, रायपुर, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘परीक्षा पे चर्चा-2026’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ न केवल छात्रों की शंकाओं का समाधान करता है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा को बोझ न समझें, बल्कि इसे अपने ज्ञान और क्षमताओं को परखने का अवसर मानें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से बेहतर बनने की प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति केवल सपने देखने से नहीं होती, बल्कि स्पष्ट उद्देश्य, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से संभव होती है। इच्छाशक्ति को निरंतर कर्म से जोड़ना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने का अवसर है। प्रश्न को ठीक से समझना बहुत आवश्यक है, क्योंकि जब प्रश्न स्पष्ट होता है, तभी उत्तर भी सही और सार्थक होता है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया और कहा कि कठिन परिश्रम से ही आत्मविश्वास का निर्माण होता है। उन्होंने कर्म और कर्तव्य को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक कर्म उसका परिणाम अवश्य देता है। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं को हर दिन बेहतर बनाने से होती है। यही सोच व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाती है और राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी सुनिश्चित करती है। इस कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, स्कूल के चेयरमैन राकेश ओबेरॉय, निदेशक राघव ओबेरॉय, प्रधानाचार्य संजीव बाटला तथा स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे