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धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम् फैसलों पर लगी मुहर

Dehradun Uttarakhand


देहरादून, बिग न्यूज़ टूडे: बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम् फैसलों पर मुहर लगी, कैबिनेट बैठक में कुल 23 प्रस्तावों पर मुहर लगी। वहीं, बैठक में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर बधाई दी गई। प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी व्यक्त किया गया। मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू ने बताया कि कैबिनेट में आए विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नई आबकारी नीति के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, लेकिन कैबिनेट ने अभी इसमें कुछ और विचार करने को कहा है, अब यह प्रस्ताव अगली कैबिनेट में लाया जाएगा। बैठक में कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मामलों पर मुहर लगी है। 

जेई को मिलेगा वाहन भत्ता, कर्मचारियों को शत-प्रतिशत बाल्य देखभाल अवकाश
विभिन्न विभागों में काम करने वाले सहायक अभियंताओं को अभी तक वाहन भत्ता नहीं मिलता था। कैबिनेट ने उन्हें 4000 रुपये प्रतिमाह वाहन भत्ता देने पर मुहर लगा दी है। इसी प्रकार, जिन अधिकारी-कर्मचारियों, सरकारी सेवकों को पहले वाहन भत्ता 200 से 2700 रुपये तक मिल रहा था, अब 1200 से 4000 रुपये करने पर सहमति बन गई है। बाल्य देखभाल अवकाश के दूसरे साल में 80 प्रतिशत वेतन भुगतान की शर्त हटा दी गई है। अब दोनों वर्षों में प्रतिवर्ष 100 फीसदी वेतन भुगतान होगा। व्यक्तिगत सहायक संवर्ग में पदोन्नति के लिए स्टाफिंग पैटर्न बदलने पर मुहर लगी है। अभी तक 4600 के बाद 5400 वेतनमान था। अब इसके बीच 4800 नया वेतनमान होगा, जिससे इस संवर्ग के कर्मचारियों को एक पदोन्नति का अवसर मिलेगा। कैबिनेट ने पशु चिकित्सा सेवा संशोधन नियमावली 2024 को भी मंजूरी दी, जिसके तहत पशु चिकित्साधिकारी ग्रेड-2 अब पशु चिकित्साधिकारी कहलाएंगे। वहीं, पशु चिकित्साधिकारी ग्रेड-1 अब वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी, उप निदेशक और डिप्टी रजिस्ट्रार के वेतनमान में आएंगे। इसके अलावा, उत्तराखंड पुलिस मोटर परिवहन शाखा अधीनस्थ सेवा संशोधन नियमावली पर मुहर लगी है। कार्मिक विभाग की नियमावली के तहत एकरूपता लाई जाएगी।

जुड़वां बच्चों की वजह से नहीं जाएगी प्रधानी
त्रिस्तरीय पंचायतों में यह नियम है कि अगर प्रधान या किसी अन्य जन प्रतिनिधि के दो से अधिक बच्चे हो जाते हैं तो वह अयोग्य हो जाता है। अगर पहली संतान के बाद किसी व्यक्ति के जुड़वा बच्चे होते थे तो उसे तीन संतान मानकर पद से हटा दिया जाता था। कैबिनेट ने इसमें बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब अगर पहली संतान के बाद किसी को जुड़वां बच्चे हुए तो उन्हें एक संतान के तौर पर ही गिना जाएगा।

गन्ना समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया
प्रदेश में पिछले साल की अपेक्षा गन्ना समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाने पर मुहर। अगेती फसल के लिए 375 और सामान्य के लिए 365 रुपये प्रति कुंतल मूल्य तय।

इन फैसलों पर भी कैबिनेट की मुहर
– प्रदेश में पास हुए व्यावसाय श्रम विधेयक 2020 पर केंद्र सरकार के निर्देश मिलने के बाद सरकार इस कानून को वापस लेगी। केंद्र ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 के चलते इसे वापस लेने को कहा था। आगामी विधानसभा सत्र में राज्य का कानून वापस ले लिया जाएगा।
– हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत नदियों में ड्रेजिंग का काम मशीन से होगा, लेकिन उसकी फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी भी होगी। ताकि कहीं निर्धारित से ज्यादा खनन न हो पाए।
– खनन विभाग के नए ढांचे पर मुख्य सचिव का फैसला आने के बाद सात नए पदों को स्वीकृति। इसमें छह जिला खनन अधिकारी और एक महानिदेशक के व्यक्तिगत सहायक का पद शामिल है। इस तरह प्रदेश के हर जिले में अब जिला खनन अधिकारी तैनात होंगे।
– बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिनियम 2012 के अंतर्गत हरिद्वार व देहरादून में फ्लड जोन की अधिसूचना पूर्व में जारी हो चुकी है, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
– पुरानी जेल परिसर देहरादून में बार एसोसिएशन को सरकार ने अपनी 0.74 हेक्टेयर भूमि में से पांच बीघा जमीन 30 साल की लीज पर एक रुपया प्रतिवर्ष की दर से देने पर मुहर लगाई।
– परिवहन मंत्रालय के रीजनल ऑफिस के लिए देहरादून में रिंग रोड छह नंबर पुलिया के निकट 0.026 हेक्टेयर भूमि निशुल्क दी जाएगी।
– मत्स्य पालन के लिए जलाशय अब हिमाचल, यूपी की तर्ज पर पांच के बजाए 10 साल के लिए मिल सकेंगे। पुरानी नियमावली में बदलाव पर मुहर। पुराने जलाशयों पर भी यह लागू होगा।
– साहसिक पर्यटन में भर्ती संबंधी पदों की अर्हताओं में शिथिलीकरण। नियत वेतनमान के विषय विशेषज्ञ पद के लिए पर्वतारोहण का मानक 8000 से घटाकर 6000 किया गया। डिग्री संबंधी बदलावों को भी मंजूरी।
– उत्तरकाशी के जादूंग गांव के मूल निवासियों के लिए होम स्टे की विशेष योजना को मंजूरी। 100 प्रतिशत तक पैसा राज्य सरकार खर्च करेगी।
– लखवाड़ व्यासी जैसी परियोजनाओं में स्थानीय लोग ईपीएफ खाते वाली सहकारी समिति के माध्यम से 10 लाख तक के काम कर सकेंगे। पहले यह सीमा पांच लाख थी।
– भीमताल में बाल देखरेख में काम करने वाली एसओएस चिल्ड्रन को अब गढ़वाल में भी सरकार मौका देगी। अगले पांच साल में सरकार यहां करीब सवा करोड़ रुपये संस्था को देगी। छठे साल से संस्था अपने स्तर से काम करेगी।
– आपदा बजट से कोविड संबंधी खर्च का 50 प्रतिशत से अधिक भुगतान भी हो सकेगा। सभी कंपनियों के बिल एक माह के भीतर भुगतान किए जाएंगे। नियमानुसार बजट का 50 प्रतिशत ही कोविड संबंधी गतिविधियों में खर्च कर सकते थे।
– ओबीसी आरक्षण के लिए गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की समयसीमा 31 जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई।
– हाउस ऑफ हिमालयाज संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार सहकारी समिति के बजाए कंपनी बनाएगी। कैबिनेट की सैद्धांतिक सहमति।