Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

मार्च की सेलरी ना मिलने से कर्मचारी हुए परेशान, विभिन्न विभागों में वेतन की दिक्कत पर कर्मचारी परिषद ने सीएम से की भेंट, जानिए आख़िर क्यों रुका कर्मचारियों का वेतन?

Dehradun Delhi Uttarakhand


देहरादून Big News Today प्रदेश के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को अभीतक मार्च महीने का वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने सीएम पुष्कर धामी से मुलाकात करके जानकारी दी है। परिषद का कहना है कि अप्रैल के महीने में कर्मचारियों पर घर के रूटीन खर्च के अलावा अपने बच्चों के स्कूल एडमिशन,फीस, ड्रेस, किताबों आदि का अतिरिक्त खर्च की जिम्मेदारी होती है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अरुण पांडे ने बताया कि वेतन ना मिलने की समस्या को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में लाया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने शीघ्र ही वेतन मिलने का आश्वासन दिया है। अरुण पांडेय का कहना है कि इस वर्ष विभागों ने गत वित्तीय वर्ष 2022-23 का लेखा-जोखा शासन स्तर पर समय पर प्रस्तुत नहीं किया है। जिसके कारण विभागों को बजट आवंटन में देरी हो रही है और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। पांडेय ने कहा कि इस सम्बन्ध में परिषद ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन भुगतान में आने वाली अनावश्यक परेशानियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। ताकि कर्मचारियों को मार्च महीने का लम्बित वेतन भुगतान प्राप्त हो सके।

अरुण पांडे ने यह भी बताया कि शासन द्वारा वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए गठित वेतन समिति ने वेतन विसंगतियों के निराकरण, वित्तीय हस्तपुस्तिका में संशोधन, कामन सेवा नियमावली बनाये जाने पर अपने सुझाव शासन को सौप दिये गये हैं। लेकिन इन सुझावों पर कार्यवाही की जानी तो दूर, इन्हें अभी तक सार्वजनिक भी नहीं किया गया है। परिषद की मांग है कि वेतन समिति के सुझावों को सार्वजनिक किया जाय जिससे कि कार्मिकों को उनकी उपयोगिता ज्ञात हो सके।