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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दून में देवभूमि बिजनेस डायलॉग में व्यापारियों से की बातचीत

Dehradun Uttarakhand


देहरादून, बिग न्यूज़। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे जहां पहुंचकर उन्होंने दौरे के पहले दिन देहरादून में देवभूमि बिजनेस डायलॉग में शिरकत की। सुबह 10.35 पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे मनीष सिसोदिया का स्वागत आप सीएम प्रत्याशी कर्नल कोठियाल और सहप्रभारी राजीव चौधरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किए। इसके बाद वो सीधे पैसिफिक होटल में व्यापारियों से देवभूमि बिजनेस डायलॉग में शामिल होने पहुंचे । कार्यक्रम में पहुंचे मनीष सिसोदिया ने  अलग अलग वर्ग के व्यापारियों से चर्चा की । जिसमें उन्होंने जहां दिल्ली सरकार में आप सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए किए गए कार्यों को गिनवाया तो दूसरी तरफ उन्होंने  उत्तराखंड के व्यापारियों की समस्याओं  पर भी सीधे व्यापारी वर्ग से आमने सामने बातचीत की।
देवभूमि बिजनेस डायलॉग मीट की शुरूआत में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि दिल्ली में एक आदमी पर  करीब 35 हजार रुपए खर्च होते है। जबकि उत्तराखंड का बजट एक आदमी पर 50 हजार रूपए है। दिल्ली में मनीष जी ने कई महत्वपूर्ण काम किए । उत्तराखंड की दिल्ली से तुलना करे तो, उत्तराखंड का सालाना बजट 58 हजार करोड़ के करीब और आबादी एक करोड़ 15 लाख के करीब है, जबकि दिल्ली का बजट 69 करोड़ है ,वहां की आबादी 2 करोड़ है। दिल्ली में स्वास्थ, शिक्षा, बिजली, पानी, रोजगार की बेहतर सुविधा मिल रही है। आज इसी  वित्तीय  प्रबंधन की चर्चा के लिए मनीष सिसोदिया जी हमारे बीच हैं।
कर्नल कोठियाल के बाद मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री के रूप में सभी  सेवाएं देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम वित्तीय कामों के सरलीकरण की बात करेंगे जिससे कि उत्तराखंड के हालातों को बदला जा सके। उन्होंने कहा कि, व्यापार करने वाला व्यापारी खुद की और प्रदेश की तरक्की में महत्त्वपूर्ण योगदान रखता है। दिल्ली के आर्थिक हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, केजरीवाल सरकार ने दो सिद्धांतो पर फोकस किया। पहला व्यापारी को ही व्यापार करना चाहिए, दूसरा सरकार को इस ताम झाम में नहीं पड़ना चाहिए।
दिल्ली में रिश्वत मांगते ऐसे 29 अधिकारियों के खिलाफ हमनें एक्शन लिया। हमनें दिल्ली के व्यापारियां की शिकायत को गंभीरता से लिया ।कई अधिकारियों को दोषी होने पर सरकार ने उन्हें आड़े हाथ लिया। ऐसे में व्यापारियों को काफी सहूलियतें मिली। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली में व्यापारियों को विश्वास में लेकर टैक्स कम किया, जिससे सभी लोगों पर इसका बोझ कम हुआ और सभी लोग बराबर अपना टैक्स भरने लगे।
उन्होंने आगे कहा कि, दिल्ली सरकार ने व्यापारियों और अधिकारियों को आमने सामने बैठाने का काम किया ,ताकि दोनों एक दूसरे की समस्याओं से रुबरु हो सकें।  दिल्ली सरकार का बजट इस वजह से बढकर 60 हजार करोड़ हो गया है। व्यापारी सरकार के इस कदम से खुश है। हमने सामान पर साढ़े 12 प्रतिशत का टैक्स घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया। इतिहास गवाह है, टैक्स के संबध में एक अंग्रेजी कहावत है,  लैस द टैक्स मोर द कमप्लाइंस, मोर द टैक्स लैस द कमप्लाइंस। उन्होंने आगे कहा कि मैं यहां आप सभी का सहयोग लेने आया हूं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनाइए, आप पार्टी की सरकार बनने पर हर समस्या का समाधान होगा। केजरीवाल जी ने दिल्ली में दलालों की खिड़की बंद करा दी है जिस वजह से अब हमारा रेवेन्यू 30 हजार करोड़ से बढकर 60 हजार करोड़ पहुंच गया है।  
उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली के लिए सपना देखा है कि आने वाले 25 वर्षों में सिंगापुर की तर्ज पर दिल्ली के प्रति व्यक्ति की आय को सिंगापुर के प्रति व्यक्ति के बराबर कर देंगे। इसके बाद कई व्यापारियों से उन्होंने आमने सामने बात करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए ।  उन्होंने कहा कि यदि आप की सरकार बनती है तो व्यापारियों को बिजली मुफ्त मिलेगी। जीएसटी के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, जीएसटी इसलिए आया था ,कि देश में एक समान टैक्स नीति लागू हो। उत्तराखंड में आप की सरकार आने पर वित्त मंत्री खुद हर मीटिंग को अटैंड करेगा और समाधान निकाला जाएगा। एक अन्य होटल बिजनेस मैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, हमने होटल चलाने की नीतियों को शिथिल कर दी है, पहले पांच लाइसेंस लेने पड़ते थे ,अब हमने उसे एक कर दिया। अब होटल बिजनेस मैन को काफी राहत है। कोंचिग सेंटर मालिक के सवाल का जवाब देते हुए मनीष सिसोदिया ने  कहा कि दिल्ली के स्कूल इतने बेहतर हैं कि वहां कोचिंग की जरुरत ही बच्चों को नहीं पडती और सरकारी स्कूलों से कई बच्चों ने नीट क्लियर किया है।  कोचिंग वालों को ही हमनें स्कूल में नियुक्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार से ज्यादा व्यापारी जानकारी रखता है। इसलिए हम अधिकारियों के साथ व्यापारियों को साथ बिठाकर अच्छे व्यापार का माहौल बनाते हैं, सरकार इसमें सहयोग करती है। जो काम करना चाहता है उसे हम आगे बढ़ाते हैं।