एक बेटी की हत्या, माता-पिता की अंतहीन पीड़ा और चार साल का इंतज़ार… लेकिन न्याय आज भी अधूरा है।
दूसरी ओर, जिस ‘VIP’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उससे जुड़े मामले में निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय संवैधानिक पद पर नियुक्ति ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
याद रखिए, सत्ता का संरक्षण न्याय की आवाज़ को दबा नहीं सकता!
अंकिता को न्याय कब मिलेगा?
दोषियों की जवाबदेही कब तय होगी?
उत्तराखंड की जनता के साथ कांग्रेस पार्टी ने न्याय के लिए आवाज बुलंद की। जनता के दबाव में CBI जांच के आदेश हुए, लेकिन अब जांच ठंडे बस्ते में है।
BJP सरकार लगातार अपना दोहरा चरित्र दिखा रही है।
इस मामले में जिस दुष्यंत गौतम पर आरोप हैं, नरेंद्र मोदी जी ने उसे सजा दिलाने के बजाए सिक्किम का राज्यपाल बनाकर इनाम दे दिया।
कल राहुल गांधी जी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की, उन्हें भरोसा दिया कि हम सब उनके साथ हैं।
लेकिन इंडिया गेट पर जिस तरह अंकिता भंडारी के परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया, वह शर्मनाक है। न्याय के साथ मजाक है।
हम सब पीड़ित परिवार के साथ हैं। पूरी ताकत से इस लड़ाई को लड़ेंगे और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाकर रहेंगे।




