देहरादून, 13 जून (M. Faheem ‘Tanha’): विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ पर्यावरण सप्ताह के समापन अवसर पर हिमालय पर्यावरण सोसायटी, देहरादून द्वारा दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में भव्य सम्मान समारोह एवं अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विगत पाँच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय पर्यावरणविद् जगदीश बाबला के 50 वर्षीय सेवाकाल पूर्ण होने पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित अभिनंदन ग्रंथ “हर दिल अजीज – जगदीश बाबला” के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय कर्नल अजय कोठियाल, KC, SC, VSM, राज्यमंत्री, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार, कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’, विशिष्ट अतिथि प्रो. बी.के. जोशी, कमला पंत तथा जगदीश बाबला द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर पर्यावरणविद् जगदीश बाबला ने अपने संबोधन में कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन एवं आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो संपूर्ण समाज और विश्व स्वतः ही स्वच्छ एवं स्वस्थ बन सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में चर्चित युवा कथक कलाकार आरुषि क्षेत्री द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत दिल्ली से पधारे कथक कलाकार आर्यव आनंद ने अपनी उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का अभिनंदन किया।
संस्था के महासचिव रोहित कोचगवे ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। संस्था के अध्यक्ष जगदीश बाबला ने हिमालय पर्यावरण सोसायटी की दीर्घ पर्यावरणीय एवं सामाजिक यात्रा का परिचय दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र पालीवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि जगदीश बाबला का जीवन सेवा, समर्पण एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के समाज और पर्यावरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
हिमालय पर्यावरण सोसायटी पिछले पाँच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था द्वारा देहरादून की तिब्बती कॉलोनी, हिंदी भवन परिसर, प्रेस क्लब, आशियाना परिसर, सहस्रधारा, चारणगांव, चकराता रोड सहित अनेक स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। वर्षों पूर्व लगाए गए पौधे आज विशाल एवं छायादार वृक्षों के रूप में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जगदीश बाबला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर इससे पूर्व वर्ष 1994 एवं 2001 में भी अभिनंदन स्मारिकाओं का प्रकाशन किया जा चुका है। वर्ष 1994 में ठाकुर वीर सिंह भंडारी के सानिध्य में अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनका सामूहिक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को “उत्तराखण्ड श्रेष्ठ सम्मान – 2026” से सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद्, पत्रकार, समाजसेवी, पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भारती मिश्रा ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष जगदीश बाबला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



