मीडिया के परस्पर संबंधों पर किए गए महत्त्वपूर्ण एवं समकालीन शोध के लिए शोधार्थी बर्त्वाल को पीएचडी की उपाधि प्रदान की

Uttarakhand


देहरादून । उत्तराखण्ड में पर्यटन उद्योग और मीडिया के परस्पर संबंधों पर किए गए महत्त्वपूर्ण एवं समकालीन शोध के लिए शोधार्थी शक्ति सिंह बर्त्वाल को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है । यह शोध कार्य श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में संपन्न हुआ । शोध निर्देशन वरिष्ठ मीडिया विश्लेषक प्रो. (डा.) आशीष कुलश्रेष्ठ, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन, तथा सह-शोध पर्यवेक्षण पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. सागरिका दास, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया ।

“पर्यटन उद्योग के विकास में मीडिया की भूमिका (उत्तराखण्ड के विशेष संदर्भ में)” विषय पर आधारित इस शोध में राज्य के पर्यटन विकास और मीडिया की प्रभावशीलता का व्यापक विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया ने उत्तराखण्ड के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार और वैश्विक पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

विशेष रूप से सोशल मीडिया ने होम स्टे, हस्तशिल्प, साहसिक एवं ग्रामीण पर्यटन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों की आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में सकारात्मक योगदान दिया। शोध में यह भी रेखांकित किया गया कि मीडिया के प्रभाव से राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली ।

हालाँकि, अध्ययन में यह भी सामने आया कि मुख्य धारा मीडिया का ध्यान प्रायः प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित रहा, जिससे छोटे और कम प्रसिद्ध स्थलों को अपेक्षित प्रचार नहीं मिल पाया । इसके साथ ही पर्यटन के बढ़ते दबाव के कारण पर्यावरणीय क्षरण, कचरा प्रबंधन और सांस्कृतिक व्यावसायीकरण जैसी चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आईं ।

मीडिया विशेषज्ञ एवं शोधार्थी शक्ति सिंह बर्त्वाल के अनुसार, “मीडिया को केवल प्रचारक नहीं बल्कि विकास सहयोगी की भूमिका निभानी होगी । यहाँ वास्तविक तौर पर संतुलित, संवेदनशील और पर्यावरण-अनुकूल रिपोर्टिंग से उत्तराखण्ड को सतत पर्यटन विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जा सकता है ।”

मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध राज्य में पर्यटन एवं मीडिया अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण शैक्षणिक और नीतिगत योगदान है, जो भविष्य में संतुलित एवं समावेशी पर्यटन विकास की दिशा तय करने में सहायक सिद्ध होगा । यह तथ्य काबिलेगौर है कि अभी तक उत्तराखण्ड के पर्यटन पर आधारित मीडिया के प्रभावशीलता और समग्र भूमिका का महत्वपूर्ण शोध किसी अन्य के द्वारा नही किया गया है | जबकि यहाँ सबसे उल्लेखनीय मीडिया शोध करने वाले उत्तराखण्ड के स्थानीय जनमानस के मध्य से पहाड़ी संस्कृति और सभ्यता के पहरेदार एवं पत्रकारिता के स्तम्भ श्री शक्ति सिंह बर्त्वाल जी का चयन सिर्फ उपाधि तक का सफ़र ही नही दर्शाता बल्कि उत्तराखण्ड के पहाड़ का सम्मान अभिनन्दन भी करता है |
इस अवसर पर वाह्य मीडिया विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ सुधांशु जायसवाल, हेमंती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर, डीन प्रोफेसर डॉ प्रीति तिवारी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डॉ अशोक भंडारी, शोध निदेशक, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, प्रोफेसर डॉ आशीष कुलश्रेष्ठ, विभागाध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डॉ राजेंद्र सिंह नेगी, डॉ आशा बाला, डॉ आरती भट्ट, वीरेंदर गुसाई, प्रोफेसर गीता रावत, डॉ अमर लता एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों के शोधार्थी एवं स्थानीय मीडिया समूहों के पत्रकार मौजूद रहे ।

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