भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और दिशाहीन बजट पर विपक्ष का हमला
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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य की राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। गैरसेंण में विधानसभा का बजट सत्र होने के बाद रविवार को देहरादून विधानसभा परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और राज्य सरकार के बजट को लेकर कड़े सवाल उठाए। यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य की सरकारी जमीनों को सरकार निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है, उन्होने विकास नगर की जलविद्युत परियोजनाओं की 76 हेक्टेयर भूमि और यमुना कॉलोनी एरिया की सरकारी भूमि को निजी हाथों में देने की तैयारी हो रही है। यशपाल आर्य ने ऊर्जा सचिव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शासन-प्रशासन की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस हुई मुखर
नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं बल्कि शिष्टाचार का रूप लेता जा रहा है। सरकार भले ही “जीरो करप्शन” का नारा दे रही हो, लेकिन भर्ती, ठेकों, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानांतरण जैसे विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचने के बावजूद समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, जिससे जनता के बीच यह धारणा बनती है कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को संरक्षण मिल रहा है।
कैग ने उठाए अनियमितताओं पर सवाल
उन्होंने CAG कैग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच कई योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना, बिजली व्यवस्था, खनन तथा अन्य विभागों में वित्तीय कुप्रबंधन के उदाहरण राज्य की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना था कि वर्ष 2022 के बाद अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। राजधानी में कम समय के भीतर कई हत्याओं की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब राजधानी में ही अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हों, तो प्रदेश के लोगों में असुरक्षा की भावना स्वाभाविक है। महिला अपराध, साइबर अपराध और अन्य गंभीर घटनाओं के बढ़ते मामलों को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ने वाला बजट
विधानसभा में प्रस्तुत बजट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ने वाला प्रतीत होता है। इसमें न तो आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है और न ही बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना सामने आती है। राज्य पर बढ़ते कर्ज, हजारों रिक्त सरकारी पदों, पलायन, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों पर भी बजट में पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने की बात उन्होंने कही। प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह, विधायक काज़ी निजामुद्दीन, विधायक विक्रम सिंह नेगी, विधायक लखपत बुटोला के साथ ही कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा भी मौजूद रहे।


