Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

National V.I.P. Press Club का 10वां वार्षिक समारोह: जवाबदेही, सम्मान और सामाजिक सरोकार का ऐतिहासिक संकल्प

Uttarakhand


रिपोर्टः साहिल कुमार

बिहारीगढ़/सहारनपुर (BIG NEWS TODAY)। पत्रकारिता के मान, सम्मान और स्वाभिमान को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय रविवार को उस समय लिखा गया, जब National V.I.P. Press Club द्वारा वृंदावन गार्डन, बिहारीगढ़ (जनपद सहारनपुर) में एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक सभा नहीं, बल्कि पत्रकारिता के भविष्य, जवाबदेही और संवैधानिक संरचना को लेकर गंभीर मंथन का सशक्त मंच साबित हुआ। देश और प्रदेश के 200 से अधिक पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि पत्रकारिता आज भी संगठित, सजग और आत्मचिंतन के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली और आत्ममंथन को प्रेरित करने वाला पक्ष वरिष्ठ पत्रकार सलीम सैफी और एम. फहीम ‘तन्हा’ के वक्तव्य रहे। दोनों ने एक स्वर में कहा कि “पत्रकारिता को बचाने के लिए जवाबदेही अब अनिवार्य है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आज कोई भी व्यक्ति मोबाइल जर्नलिज्म के दौर में स्वयं को पत्रकार घोषित कर देता है, जबकि पत्रकारिता के लिए पेशे की गरिमा और समाज के प्रति जवाबदेही का ध्यान रखना जरुरी है। लेकिन स्थितियां ऐसी बनती जा रही हैं जो पत्रकारिता और समाज,दोनों के लिए खतरनाक परंपरा बन चुकी है। उनके अनुसार, बार काउंसिल, मेडिकल काउंसिल और आर्किटेक्ट काउंसिल की तरह पत्रकारों के लिए भी एक राष्ट्रीय पंजीकरण व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पेशे की गरिमा, पहचान और अनुशासन कायम रह सके।
नेतृत्व और समर्थन की मजबूत आवाज
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार वीर सिंह कुंडलीवाल ने की, जबकि प्रभावशाली संचालन असगर आलम द्वारा किया गया। क्लब के चेयरमैन डॉ. गुलबहार राव ने संगठन की विचारधारा, विस्तार और पत्रकार हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि National V.I.P. Press Club का उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। खानपुर विधायक एवं वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों के सम्मान और संरक्षण को अनिवार्य बताया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने विशेष सराहना के साथ सुना।
सामाजिक सरोकार का उदाहरण
कार्यक्रम केवल विमर्श तक सीमित नहीं रहा। धरातल ग्रीन परिवार की ओर से डॉ. मोइनुद्दीन इदरीसी ने लगभग 100 जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री किट वितरित की। इस पहल ने पत्रकारिता को सामाजिक संवेदना से जोड़ते हुए आयोजन को मानवीय आयाम प्रदान किया।

सम्मानित हुए गणमान्य अतिथि और पत्रकार
कार्यक्रम में डॉ. धर्म सिंह सैनी (पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी), डॉ. करण सिंह सैनी (वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी), उमेश कुमार (खानपुर विधायक), नाथीराम राणा (वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी), डॉ. मोइनुद्दीन इदरीसी (ABS इंफ्रासिटी व धरातल ग्रीन, वरिष्ठ समाजसेवी), साहब सिंह पुंडीर (वरिष्ठ भाजपा नेता), हाजी फजलुर्रहमान (पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ समाजसेवी), राव मोहतरम (वरिष्ठ बसपा नेता), डॉ. फैजल (चेयरमैन, अल्फा क्रिकेट एकेडमी, गणेशपुर), अरशद राणा (वरिष्ठ पत्रकार, मुजफ्फरनगर), रूही अंजुम (वरिष्ठ सपा नेत्री), दिलशाद मलिक (वरिष्ठ बसपा नेता), शाहबान उर्फ गुड्डू (वरिष्ठ बसपा नेता), आजाद अली (राष्ट्रीय अध्यक्ष, जन अधिकार पार्टी जनशक्ति), एम. फहीम ‘तन्हा’ (वरिष्ठ पत्रकार, देहरादून), सलीम सैफी (वरिष्ठ पत्रकार एवं CEO न्यूज़ वायरस), क्राइम रिपोर्टर जुल्फिकार अहमद ‘जुल्फि’ (देहरादून), गोपाल सिंघल (संपादक, अरिहंत समाचार, देहरादून), वी.डी. शर्मा (प्रदेश महासचिव, देवभूमि पत्रकार यूनियन उत्तराखंड), धर्मराज (ग्राम प्रधान), मुकेश सैनी (ग्राम प्रधान, बंजारा वाला), गुरमीत सिंह राठौर, मलका अख्तर, डॉ. त्यागी (वरिष्ठ चिकित्सक), भूपेंद्र सिंह चौहान (भा.कि.यू. प्रदेश अध्यक्ष), राव इमरान खान (संपादक, दैनिक राइट बुलेटिन), डॉक्टर इफ्तिखार त्यागी (CEO, एक्सप्रेस न्यूज़ भारत), पत्रकार रुहीना इदरीसी (खबर 24, देहरादून) सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया।
संगठन की टीम ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में वेदपाल गौतम, असगर आलम, डॉक्टर लियाकत, इंतेखाब आजाद, औरंगजेब मलिक व उनकी टीम, तबरेज आलम, जहांगीर राणा, शिव कुमार व उनकी टीम, गफ्फार खान, असद खान, सैयद जायर हुसैन, सैयद आदिल हुसैन, एम. अफजल गौर, पुरुषोत्तम शर्मा, मोहम्मद आसिफ, कुलदीप सिंह, मनोज, राव नवेज़ अली, शराफत अंसारी, गोपाल सिंह पुंडीर (मेरठ), अजरा परवीन, भगवत मेहरा, जुल्फिकार मुईज़ी, एडवोकेट बबलू कुमार, मुमताज अली, दीन रजा, रुहीना इदरीसी, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद आदिल, सतीश आजाद, एडवोकेट गफ्फार, सद्दाम हुसैन, कुर्बान, राज कुमार, राम कुमार, पवन राणा, मुरसलीन अली सहित सभी पत्रकार साथियों का सक्रिय योगदान रहा।
पत्रकारिता को दिशा देने वाला मील का पत्थर
मीडिया काउंसिल के गठन, पत्रकारों के अनिवार्य पंजीकरण, जवाबदेही और सम्मान जैसे मुद्दों पर उठी ठोस और संगठित आवाज ने स्पष्ट कर दिया कि पत्रकारिता को अब अनुशासन, पहचान और सम्मान—तीनों की सशक्त संरचना की आवश्यकता है। National V.I.P. Press Club का यह आयोजन पत्रकार एकता, पेशेवर सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा और निश्चित ही पत्रकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
वरिष्ठ पत्रकार सलीम सैफी और एम. फहीम ‘तन्हा, ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के सामने चुनौतियों का हवाला देते हुए मीडिया काउंसिल के गठन की जरूरत पर बल दिया है I उन्होंने कहा कि काउंसिल के माध्यम से ही पत्रकारिता का मान, सम्मान और स्वाभिमान बच सकता हैI ये वक्त की ज़रूरत है कि पत्रकारिता के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित होनी चाहिए और पत्रकारों को भी वकीलों, डॉक्टर और आर्किटेक्ट की तरह संवैधानिक तरीके से जर्नलिस्ट रजिस्ट्रेशन नम्बर जारी होना चाहिए I इससे पत्रकारों को संगठनात्मक मजबूती प्राप्त होगी I
पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा के हों उपाय
पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी, खानपुर विधायक (पूर्व पत्रकार) उमेश कुमार और पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने भी पत्रकारों के सामने बड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए समाज में पत्रकार सम्मान और सुरक्षा के लिए संवैधानिक संस्था के गठन की वकालत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के कुछ पत्रकारों द्वारा पत्रकारिता की गरिमा का ख्याल नहीं रखा जाता है, और ऐसा भी होता है कि पत्रकारों पर ब्लैक मेलिंग के भी आरोप लग जाते हैं, ऐसी परिस्थिति अच्छी नहीं होती हैI