-सन शाइन पब्लिक स्कूल में किड्स जोन का आगाज
-पूर्व एम एलसी सुबोध पाराशर ने फीता काट किया शुभारंभ
नजीबाबाद। सन शाइन पब्लिक स्कूल में नन्हें मुन्ने बच्चे के लिए किड्स जॉन का शुभारम्भ किया गया। अब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे खेल खेल में तनावरहित शिक्षा पा सकेंगे।
ग्राम फजलपुर तबेला में सन शाइन पब्लिक स्कूल में आयोजित समारोह के साथ पूर्व एम एल सी सुबोध पाराशर ने किड्स जॉन का फीता काट कर शुभारम्भ किया।
मुख्य अतिथि सुबोध पाराशर ने कहा ग्रामीण अंचल में आधुनिक अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के साथ खेल खेल में शिक्षा पा सकेंगे। उन्होंने इस विद्यालय के शुभारंभ से अब तक की यात्रा को ग्रामीण क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय प्रयास की सराहना की है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षित करने व उनके उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल के प्रबंधक विनोद मित्तल ने अभिभावकों को आश्वस्त किया वह बेहतर शिक्षा से कई के लिए समर्पित है और सभी के सहयोग से विद्यालयों को ऊंचाइयों पर ले जाते हुए जमात की आधुनिक शिक्षा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पूर्व प्रबंधक मालती अग्रवाल की स्मृति में प्रतिवर्ष कक्षा 6 से 12 के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को परीक्षा आधारित छात्रवृति देने की घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सुबोध पाराशर, प्रबंधक विनोद मित्तल, प्रधानाचार्य आलोक अग्रवाल, प्रबन्ध निदेशक दीपा मित्तल ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्कूली छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किये।
छात्र छात्राओं ने अनेक गीत नृत्य समूह नृत्य प्रस्तुत कर अभिभावक व आगन्तुकों की तालियां बटोरी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत “इतनी इत्ती सी हंसी इत्ती सी खुशी राम आएंगे शुभ दिन आएंगे मैं निकला गाड़ी लेकर” को सराहा। कार्यक्रम में प्रबन्धन की ओर से स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं का उनके अमूल्य योगदान के लिए मुख्य अतिथि सुबोध पाराशर ने सम्मानित किया।
समारोह में आयुष मित्तल ने अपने सम्बोधन में विद्यालय की प्रगति शैक्षिक वातावरण व सांस्कृतिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए भविष्य में बेहतर सहयोग की अपेक्षा की है। शिक्षिका पिंकी शर्मा व हुमैरा जबीं के संचालन में हुए कार्यक्रम में विनय कौशिक, पंकज शर्मा, मुकेश सिन्हा,शकील रजा, आशा रजा, जितेन्द्र कक्कड़, जुगल किशोर, प्रमोद मित्तल, सीमादेवी, और उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि सुबोध पाराशर, आगन्तुक
अतिथियों, अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में ‘किड्स जाॅन’ कक्ष का अवलोकन किया और इस व्यवस्था का ग्रामीण क्षेत्र के लिए
एक उपलब्धि बताया है I


