Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

Breaking: नगर निगम हरिद्वार भूमि घोटाले की होगी विजिलेंस जांच

Dehradun Delhi Mussoorie Uttarakhand


तत्कालीन नगर आयुक्त के नगर निगम हरिद्वार में कार्यकाल के समस्त कार्यों की ऑडिट के निर्देश

संबंधित प्रकरण का विक्रय पत्र निरस्त, भू स्वामियों से धन की रिकवरी के निर्देश

भ्रष्टाचार पर सीएम धामी का कङा प्रहार, 2 आईएएस, एक पीसीएस सहित 10 अधिकारी निलम्बित ,2 का सेवा विस्तार समाप्त

BIG NEWS TODAY : भ्रष्टाचार पर सख्ती को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देशों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम हरिद्वार में सामने आए भूमि घोटाले में कठोर कार्रवाई की गई है। जांच में दोषी पाए गए 10 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 2 कार्मिकों का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है।

ये भी पढ़े

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सतर्कता विभाग (Vigilance Department) से कराए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि दोषियों की पूरी श्रृंखला का खुलासा हो सके और पारदर्शिता बनी रहे।

भ्रस्टाचार बर्दाश्त नहीं: धामी 
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उक्त भूमि घोटाले से संबंधित विक्रय पत्र (Sale Deed) को निरस्त करते हुए भूस्वामियों को दिए गए धन की रिकवरी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।

ये भी पढ़े.

मुख्यमंत्री ने तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के कार्यकाल के दौरान नगर निगम हरिद्वार में हुए सभी कार्यों का विशेष ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय अनियमितताओं की समुचित जांच की जा सके।