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धर्म, अस्मिता और उत्तराखंडीय गौरव के संरक्षक बने सीएम धामी

Dehradun Delhi Mussoorie Uttarakhand


‘ऑपरेशन कालनेमि’ और सख्त धर्मांतरण कानून के ज़रिए ढोंगियों पर सीधा प्रहार

🔹 अब तक 2448 संदिग्धों की पहचान, 140 गिरफ्तारियां

देहरादून | July 21, 2025 |
उत्तराखंड, जिसे ‘देवभूमि’ कहा जाता है, उसकी पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ी हुई है। यह राज्य न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि शांति, सहिष्णुता और सद्भाव का प्रतीक भी है। परंतु बीते वर्षों में कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पवित्र भूमि की गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद सख्ती से कुचल दिया है।

धामी सरकार द्वारा प्रदेश के सभी 13 जिलों में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत अब तक 2448 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 377 संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं। भगवा वस्त्र या धार्मिक पहचान की आड़ लेकर आमजन को ठगने वाले 222 व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही शुरू की जा चुकी है, और 140 को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

🔍 ऑपरेशन कालनेमि: ढोंगियों के खिलाफ राज्यव्यापी सख्ती

राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में पहचान पत्र, निवास प्रमाणपत्र, और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच करवाई है, ताकि फर्जी बाबाओं और ढोंगी साधुओं की पहचान हो सके। मुख्यमंत्री धामी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड की अस्मिता और धार्मिक पहचान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।

🛡️ धर्मांतरण पर कठोर कानून: 2 से 10 साल की सज़ा और ₹10 लाख तक जुर्माना

धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर राज्य में लालच, भय और धोखे से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए पुष्कर धामी सरकार ने वर्ष 2022 में उत्तराखंड धर्म-स्वतंत्रता अधिनियम, 2022 पारित किया। इस कानून के तहत:

  • जबरन या धोखे से धर्मांतरण गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है
  • दोषी को 2 से 10 साल की सजा
  • और ₹25,000 से ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है

हाल ही में छांगुर बाबा गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामला भी इस कानून की सख्ती का उदाहरण है।

🕉️ धर्म की रक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता का संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट संदेश है:

“उत्तराखंड की धार्मिक स्वतंत्रता और अस्मिता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

राज्य सरकार द्वारा चलाए गए अभियानों से अब असामाजिक तत्वों में कानून का डर और प्रशासन का खौफ साफ दिख रहा है।
‘ऑपरेशन कालनेमि’ केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मर्यादा की रक्षा का आंदोलन बन चुका है।


📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ✅ 2448 संदिग्धों की पहचान
  • ✅ 140 गिरफ्तारियां
  • ✅ 222 फर्जी बाबाओं पर कार्रवाई
  • ✅ जबरन धर्मांतरण पर सख्त कानून
  • ✅ राज्यभर में दस्तावेजों की गहन जांच

📝 रिपोर्ट: www.bignewstoday.in | #Uttarakhand #PushkarSinghDhami #OperationKaalnemi #ReligiousConversionLaw