Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

छात्रों ने लगाई गुहार और मेरठ के डीएम वीके सिंह बन गए अभिभावक

Dehradun Delhi Meerut Mussoorie Uttar Pradesh Uttarakhand


छात्राओं की गुहार पर डीएम का तुरंत एक्शन, अंडरपास से निकला पानी; स्थायी समाधान के लिए रेलवे को पत्र

रिपोर्ट: शादान सलीम सैफी

मेरठ। खरखौदा थाना क्षेत्र के पांची गांव में रेलवे अंडरपास में जलभराव से परेशान छात्राओं की आवाज जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह तक पहुंची तो प्रशासन ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी। छात्राओं ने वीडियो बनाकर डीएम से अंडरपास में भरे पानी से निजात दिलाने की गुहार लगाई थी। वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा और समस्या का समाधान कराया।

बारिश के बाद अंडरपास में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण छात्राओं और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं ने पानी से हादसे की आशंका जताते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की थी।

छात्राओं की परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, डीआईओएस और खंड विकास अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अंडरपास का निरीक्षण किया। इसके बाद पानी को ड्रेन कर बाहर निकालने की व्यवस्था कराई गई, जिससे फिलहाल छात्राओं और ग्रामीणों के लिए रास्ता सुचारु हो गया।

जिलाधिकारी ने मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत के साथ ही स्थायी समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंडरपास रेलवे विभाग के अधीन है और इसकी जल निकासी की व्यवस्था की जिम्मेदारी रेलवे की है। इसके बावजूद प्रशासन ने केवल तत्काल पानी निकालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानने के बजाय भविष्य में समस्या दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे विभाग को पत्र भेजकर स्थायी समाधान की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने कहा कि बारिश के दौरान रेलवे अंडरपास में जलभराव की समस्या कई स्थानों पर सामने आती है। ऐसे में केवल बार-बार पानी निकालना स्थायी समाधान नहीं है। पांची गांव के अंडरपास के लिए भी रेलवे विभाग से स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े।

पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई की खास बात यह रही कि छात्राओं की शिकायत को केवल एक सामान्य जलभराव की समस्या के तौर पर नहीं देखा गया। उनकी सुरक्षा और आवागमन की परेशानी को प्राथमिकता देते हुए पहले तत्काल राहत दी गई और इसके साथ ही स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया।

  • जिलाधिकारी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि प्रशासन के लिए बच्चों की सुरक्षा और उनकी छोटी से छोटी परेशानी भी महत्वपूर्ण है। एक अभिभावक की तरह संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम ने छात्राओं की गुहार पर तत्काल कार्रवाई कराई, जिससे फिलहाल उन्हें राहत मिली है। वहीं, रेलवे से स्थायी समाधान कराने की पहल से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में बारिश के दौरान छात्राओं और ग्रामीणों को इसी परेशानी से दोबारा नहीं गुजरना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *