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परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने ली राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक, iRAD परियोजना का किया शुभारम्भ साथ में “सड़क सुरक्षा एक पहल”पुस्तक का भी किया विमोचन

Uttarakhand


देहरादून

मंगलवार को चंदन राम दास परिवहन मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुयी,बैठक मंे मंत्री द्वारा राज्य मंे सड़क सुरक्षा को और अधिक सृदृढ करने की दृष्टि से मंत्री द्वारा आई-रैड (integrated road accident database) का शुभारम्भ किया गया। परियोजना के सम्बन्ध मंे संजय गुप्ता, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक, एनआईसी द्वारा प्रस्तुतीकर दिया गया, जिसमंे उनके द्वारा अवगत कराया गया कि केंद्रीय परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार की गयी एक परियोजना है, जिसे परिवहन विभाग के डाटाबेस ‘‘वाहन‘‘ एवं ‘‘सारथी‘‘ से इन्टीग्रेटिड किया गया हैं। उक्त पोर्टल मंे अन्तर्विभागीय वर्कफ्लो की व्यवस्था की गयी है। परियोजना मंे मुख्य रूप से 04 स्टेक होल्डर पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग हैं।


किसी वाहन की दुर्घटनाग्रस्त होने पर सर्वप्रथम पुलिस विभाग द्वारा सूचनाएं अंकित
की जाती है, जिसमंे वाहन एवं दुर्घटना स्थल के फोटो/वीडियो लिये जाने की भी व्यवस्था की गयी है। इसके उपरान्त परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग द्वारा वाहन की यांत्रिक दशा एवं सड़क की दशा/डिजाईन आदि की सूचनाएं अंकित की जाती है। किसी मामले मंे आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी सूचनाएं अंकित किये जाने की व्यवस्था की गयी है। उक्तानुसार प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण आईआईटी-मद्रास मंे विशेषज्ञ दल द्वारा किया जाता है और संबंधित दुर्घटनाओं के संबंध मंे सुधारात्मक उपाय/रोड इंजीनियरिंग से सम्बन्धित सुझाव दिये जाते है। मंत्री द्वारा उक्त योजना को पूर्ण गम्भीरता के साथ लागू करने के निर्देश दिये गये एवं आशा व्यक्त की गयी कि उक्त योजना के लागू होने से राज्य मंे घटित सड़क दुर्घटनाआंे के कारणों का गहराई से विश्लेषण किया जा सकेगा, जिसके आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने और दुर्घटनाआंे से होने वाली जनहानि को कम करने मंे मदद मिलेगी।


सड़क सुरक्षा पर केन्द्रित स्कूली बच्चांे की किताब का विमोचन बैठक मंे मंत्री जी द्वारा स्कूली छात्र-छात्राआंे हेतु सड़क सुरक्षा जागरूकता के सम्बन्ध मंे मुद्रित करायी गयी ’’सड़क सुरक्षा एक पहल’’ पुस्तिका का विमोचन किया गया।

’’सड़क सुरक्षा एक पहल’’ पुस्तिका के सम्बन्ध मंे डाॅ0 अनिता चमोला, सहायक परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक मंे अवगत कराया गया कि मा0 उच्चतम् न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति द्वारा स्कूली छात्र-छात्राआंे को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम मंे ही सड़क सुरक्षा विषय को सम्मिलित किया जाए। इसी क्रम मंे परिवहन विभाग मंे डाॅ0 अनिता चमोला, सहायक परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता मंे एक समिति का गठन किया गया, जिसमंे परिवहन, शिक्षा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी सम्मिलित हुए। समिति द्वारा बच्चांे को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु पाठ्य सामग्री का सम्पादन किया गया।

उक्त पाठ्य सामग्री को बच्चांे की आयु सीमा के अनुसार पृथक-पृथक अध्याय मंे संकलित किया गया है। प्रत्येक अध्याय एक कक्षा के छात्रांे की समझ के आधार पर विकसित किया गया है। इस पुस्तक मंे कक्षा 3 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियांे हेतु कुल 10 अध्याय है। परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा कोष से स्वीकृत धनराशि से इस पाठ्य पुस्तक की 52000 प्रतियाॅ मुद्रित करायी गयी है, जिन्हें कक्षा 12 तक राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयांे को शिक्षा विभाग के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त पुस्तक के विमोचन के अवसर पर परिवहन मंत्री द्वारा सभी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गयी कि उक्त पाठ्य सामग्री से बचपन से ही बच्चांे मंे सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढेगी, जो राज्य मंे सड़क दुर्घटनाआंे को रोकने मंे सहायक होगी।

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक
1- राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक मंे मंत्री जी द्वारा राज्य मंे सड़क दुर्घटनाआंे के सम्बन्ध मंे प्रस्तुत विवरण का अवलोकन करने के उपरान्त कहा गया कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन, पुलिस या लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, अपितु यह एक सामुहिक जिम्मेदारी है और इसमंे जन सामान्य की
सहभागिता से ही सड़क सुरक्षा को बढावा दिया जा सकता है।
2- मंत्री द्वारा सड़क दुर्घटनाआंे मंे होने वाली जनहानि पर चिन्ता व्यक्त करते हुए निर्देश दिये गये लोगांे की जिन्दगी बचाना हम सबका दायित्व है और इस दायित्व की पूर्ति हेतु स्थानीय लोगांे को और अधिक जागरूक एवं प्रशिक्षित किये जाने की
आवश्यकता है।
3- मा0 मंत्री जी द्वारा अधिकारियांे को निर्देशित किया गया कि पहाड़ो पर अधिकतर
दुर्घटनाएं ओवर स्पीडिंग, चालक को नींद आ जाने/थकान हो जाने अथवा किसी मार्ग पर लम्बे जाम के बाद वाहन चालकांे द्वारा प्रतिस्पर्धा करते हुए तीव्र गति से वाहन चलाना भी है। अतः इस सम्बन्ध मंे विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
4- मा0 मंत्री द्वारा राज्य मंे चिकित्सा सेवायंे सुधारने पर भी बल दिया गया। उनके द्वारा अधिकारियांे को निर्देश दिये गये कि हमे यह प्रयास करने चाहिए कि दुर्घटना मंे कमी लायी जाए परन्तु फिर भी कहीं दुर्घटना हो जाती है तो हमारी पहली प्राथमिकता प्रभावित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होनी चाहिए, ताकि उसकी जिन्दगी बचायी जा सके।


5- परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र मंे जागरूकता कार्यक्रमांे मंे वृद्धि करने पर बल दिया गया।मंत्री जी द्वारा निर्देश दिये गये कि इस सम्बन्ध मंे स्थानीय लोगांे/एन0जी0ओ0 आदि का भी सहयोग लिया जाए।
6- सड़कों की दशा सुधारने के सम्बन्ध में और उन पर आवश्यकतानुसार सड़क सुरक्षा उपाय यथा-क्रैश बैरयर, रोड मार्किंग, साईन बोर्ड, स्पीड कामिंग उपाय, चालक के विश्राम स्थलांे का विकास आदि कार्य भी समयबद्ध रूप मंे किये जाने चाहिए। इस सम्बन्ध मंे जो कार्य गतिमान है, उन्हंे बरसात से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए और जिन मामलांे मंे अभी डीपीआर बन रही है, उनमंे डीपीआर तैयार करते हुए कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर प्रारम्भ की जाए।
7- मंत्री द्वारा बस स्टाॅप पर भी पेयजल, चिकित्सा सुविधा, शौचालय एवं सीसीटीवी की स्थापना किये जाने के निर्देश दिये गये।

अन्त में मंत्री द्वारा पुनः उपस्थित विभिन्न अधिकारियों से आपसी समन्वय से निरन्तर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और जानमाल के बचाव का आहवान किया गया।

बैठक में अरविन्द सिंह ह्याॅंकी, सचिव, परिवहन, एच0सी0सेमवाल, सचिव,
आबकारी, वी0के0सुमन, प्रभारी सचिव, शहरी विकास, मुख्तार मोहसिन, पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदश्े ाक, यातायात, करन सिंह नगन्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल, रणवीर सिंह चैहान, परिवहन आयुक्त, अरूणेन्द्र चैहान, अपर सचिव, स्वास्थ्य, अतर सिह, अपर सचिव, गृह/लो0नि0वि0, एस0के0सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त/अध्यक्ष, लीड एजेन्सी, डाॅ0 अनिता चमोला, सहायक परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड के अतिरिक्त परिवहन, पुलिस, चिकित्सा, शिक्षा, शहरी विकास, वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए।