Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

अंकिता भंडारी को न्याय दो यात्रा का आयोजन

Dehradun Uttarakhand


रानीखेत। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य करन माहरा के नेतृत्व में आज विधानसभा रानीखेत में “अंकिता भंडारी को न्याय दो यात्रा” का आयोजन किया गया। इस न्याय यात्रा में रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों, मोहल्लों और बाजारों से भारी संख्या में आम नागरिकों, माताओं-बहनों, युवाओं, बुज़ुर्गों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और एक स्वर में उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को बुलंद किया। यह न्याय यात्रा घोड़ीखाल, चिलियानौला से प्रारंभ होकर चिलियानौला बाज़ार, नया बाज़ार, हैड़ाखान मंदिर, बधाण, तल्ली बधाण, सोखोला होते हुए वलना तक पहुंची। पूरे मार्ग में जनता का ग़ुस्सा, पीड़ा और आक्रोश साफ़ दिखाई दिया। जगह-जगह नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और न्याय से भागने की मानसिकता पर सवाल उठाए गए। लोगों के हाथों में तख्तियां थीं और ज़ुबान पर एक ही नारा - “अंकिता को न्याय दो, सीबीआई जांच कराओ।” इस अवसर पर न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए करन माहरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “अंकिता भंडारी की हत्या केवल एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गहरा धब्बा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार सत्ता में बैठे लोगों और तथाकथित वीवीआईपी को बचाने के लिए आज तक सच्चाई सामने आने नहीं दे रही है।” श्री माहरा ने आगे कहा कि “जिस तरह से घटना के तुरंत बाद सबूतों को नष्ट किया गया, बुलडोज़र चलाकर अपराध स्थल को मिटाने की कोशिश की गई, प्रशासनिक अधिकारियों के बयान बदले गए और पूरे मामले को कमजोर करने का प्रयास हुआ, वह सीधे-सीधे यह दर्शाता है कि सरकार अपराधियों के साथ खड़ी है, पीड़ित परिवार के साथ नहीं।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर भाजपा सरकार निर्दोष है, तो वह निष्पक्ष सीबीआई जांच से क्यों डर रही है? आखिर कौन सा ऐसा ‘वीवीआईपी ’ है, जिसके लिए एक बेटी को इंसाफ़ से वंचित किया जा रहा है? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी कुर्सी किसके सहारे टिकी है और वे किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।” करन माहरा ने यह भी कहा कि “कांग्रेस पार्टी इस मामले को किसी भी कीमत पर ठंडे बस्ते में नहीं जाने देगी। यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी, हर मां और हर संवेदनशील नागरिक की लड़ाई है। जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन सड़क से सदन तक और गांव से राजधानी तक जारी रहेगा।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि सरकार ने अब भी निष्पक्ष जांच की मांग को अनसुना किया, तो कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में जनआंदोलन को और तेज़ करेगी। भाजपा सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि सत्ता के बल पर सच को दबाया नहीं जा सकता।” रानीखेत कांग्रेस कमेटी का स्पष्ट कहना है कि आज की न्याय यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की जनविरोधी, असंवेदनशील और अन्यायपूर्ण नीतियों से पूरी तरह ऊब चुकी है। यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि न्याय, इंसानियत और उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान के लिए है। अंत में रानीखेत कांग्रेस कमेटी राज्य सरकार से पुनः ज़ोरदार मांग करती है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष सीबीआई जांच तत्काल कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सज़ा दी जाए तथा सबूत मिटाने और अपराधियों को संरक्षण देने वालों को भी कानून के कठघरे में लाया जाए। जब तक अंकिता को इंसाफ़ नहीं मिलेगा, कांग्रेस और उत्तराखंड की जनता चैन से नहीं बैठेगी।